मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को भोपाल में लोधा (लववंशी) क्षत्रिय समाज के कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने समाज के भवन निर्माण के लिए भूमि पूजन किया और 25 लाख रुपए की आर्थिक सहायता की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योगदान समाज के विकास और एकता को मजबूत करेगा। उनके इस कदम की समाज के लोगों ने भूरी-भूरी प्रशंसा की।
कांग्रेस पर तीखा हमला, इतिहास की दिलाई याद
अपने संबोधन में सीएम मोहन यादव ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ओबीसी समाज के हितों की बात करती है, लेकिन इतिहास गवाह है कि उन्हीं के कार्यकाल में ओबीसी समाज के अधिकारों की उपेक्षा हुई। यादव ने कहा, “नेहरू ने ही जनगणना रुकवाई थी, यह पाप तुम्हारे सिर पर है।” उन्होंने कांग्रेस पर दोहरे चरित्र का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी करनी और कथनी में बड़ा अंतर है।
प्रधानमंत्री मोदी की सराहना और ओबीसी कल्याण पर जोर
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओबीसी समाज के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने कहा कि पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग को संवैधानिक मान्यता देने का ऐतिहासिक कदम प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ही संभव हुआ। उन्होंने भाजपा सरकार की ओबीसी समाज के सशक्तिकरण के लिए चलाई जा रही योजनाओं और प्रयासों को रेखांकित किया।

समाज की एकता और भगवान राम से प्रेरणा की अपील
सीएम यादव ने समाज को एकजुट रहने और एकता के साथ आगे बढ़ने की अपील की। उन्होंने भगवान श्रीराम के जीवन का उदाहरण देते हुए कहा कि उनका जीवन सहनशीलता, संघर्ष और एकता की मिसाल है। उन्होंने कहा, “भगवान राम का जीवन हमें सिखाता है कि कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य और एकता से आगे बढ़ा जाए।” उन्होंने समाज के लोगों से मिल-जुलकर काम करने और समाज की उन्नति में योगदान देने का आग्रह किया।
समाज के भवन निर्माण के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने समाज के भवन निर्माण के लिए 25 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह भवन समाज के सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों का केंद्र बनेगा। उन्होंने राज्य सरकार की ओर से भविष्य में भी समाज के विकास के लिए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
समाज के विकास और चार प्रमुख वर्गों पर केंद्रित योजनाएँ
सीएम मोहन यादव ने समाज के विकास के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा कि 25 लाख रुपए की सहायता राशि का उपयोग न केवल भवन निर्माण बल्कि अन्य सामाजिक योजनाओं को बढ़ावा देने के लिए किया जाएगा। इससे समाज के लोगों को शिक्षा, रोजगार और अन्य मूलभूत सुविधाएँ प्राप्त होंगी। अपने संबोधन में उन्होंने समाज के चार प्रमुख वर्गों—गरीब, महिला, युवा और किसान—पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा, *”हमारे समाज में केवल चार जातियां हैं: गरीब, महिला, युवा और किसान। यही वर्ग समाज की असली शक्ति और विकास का आधार हैं।”* डॉ. यादव ने बताया कि उनकी सरकार ने इन चारों वर्गों के उत्थान के लिए कई योजनाएँ शुरू की हैं और लगातार उनके विकास के लिए काम कर रही है। उन्होंने समाज से इन योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने और मिलजुलकर प्रदेश के विकास में भागीदार बनने की अपील की।



