मध्य प्रदेश सरकार 24-25 फरवरी को ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन कर रही है, जिसका उद्देश्य बड़े निवेशकों को आकर्षित करना और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना है। मुख्यमंत्री मोहन यादव खुद इस आयोजन की निगरानी कर रहे हैं और उन्होंने दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान इस समिट के महत्व को रेखांकित किया। उनका कहना है कि यह समिट न केवल प्रदेश में आर्थिक विकास को गति देगी, बल्कि इंडस्ट्रियल सेक्टर को भी मजबूती प्रदान करेगी।
रोजगार के अवसरों में होगी बढ़ोतरी
सीएम मोहन यादव ने कहा कि इस समिट के जरिए प्रदेश में बड़े उद्योगों की स्थापना होगी, जिससे सैकड़ों सहायक औद्योगिक इकाइयां भी खुलेंगी। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा और प्रदेश में आर्थिक गतिविधियां तेज़ होंगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि नए निवेश से न केवल रोजगार सृजन होगा, बल्कि प्रदेश के स्थानीय उद्योगों और व्यापारियों को भी नई संभावनाएं मिलेंगी।
मध्य प्रदेश बनेगा टेक्नोलॉजी हब
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस समिट के जरिए मध्य प्रदेश में वर्ल्ड क्लास लेटेस्ट टेक्नोलॉजी आएगी, जिससे प्रदेश के उद्योगों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। उन्होंने अपनी हालिया यूके और जर्मनी यात्रा का ज़िक्र करते हुए बताया कि वहां के उद्योगपतियों ने करीब 78 हजार करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया है। इससे मध्य प्रदेश में स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमोबाइल, आईटी और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में बड़ी प्रगति होगी।

निवेशकों के लिए आकर्षक बनेगा मध्य प्रदेश
सीएम मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने सरल लाइसेंसिंग प्रक्रिया, अनुकूल औद्योगिक नीतियां और बेहतर बुनियादी ढांचा तैयार किया है, जिससे निवेशकों को प्रदेश में उद्योग स्थापित करने में कोई दिक्कत न हो। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार निवेशकों को हर संभव सहायता देगी और प्रदेश को भारत का सबसे बड़ा औद्योगिक केंद्र बनाने की दिशा में लगातार काम करेगी।
281 नए उद्योग प्रस्तावों से मध्य प्रदेश को मिलेगा बड़ा आर्थिक लाभ
मध्य प्रदेश सरकार को अब तक देश और विदेश से 281 नए उद्योगों के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनकी कुल अनुमानित लागत 4.17 लाख करोड़ रुपये है। यह निवेश राज्य के औद्योगिक विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा। अब तक 1072 इंडस्ट्रियल लैंड एलोकेशन लेटर जारी किए जा चुके हैं, जिससे 3349 एकड़ भूमि विभिन्न उद्योगों के लिए आवंटित की गई है। इससे आने वाले समय में प्रदेश में कई नए कारखाने और उत्पादन इकाइयां स्थापित होंगी।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किया गया निवेश आकर्षण अभियान
मध्य प्रदेश में निवेश बढ़ाने के लिए सरकार ने अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर कई इंटरैक्टिव सत्र आयोजित किए हैं। यूके में तीन इंटरनेशनल इंडस्ट्री इंटरैक्टिव शेशन और मुंबई, बैंगलुरु, कोयंबटूर, कोलकाता और पुणे में पांच विशेष शेशन किए गए हैं। इसके अलावा, राज्य के भीतर उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, सागर, रीवा, नर्मदापुरम और शहडोल में सात रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव भी आयोजित किए गए हैं। इन आयोजनों से निवेशकों को मध्य प्रदेश की संभावनाओं और सुविधाओं के बारे में जानकारी मिली, जिससे वे यहां निवेश करने के लिए प्रेरित हुए।
नई बिजनेस पॉलिसी और कार्बन न्यूट्रल समिट
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान सरकार नई बिजनेस पॉलिसी भी लॉन्च करेगी, जो निवेशकों को और अधिक सुविधाएं देगी और राज्य में व्यापार करना आसान बनाएगी। साथ ही, सरकार 2047 तक विकसित मध्य प्रदेश के लक्ष्य को भी प्रस्तुत करेगी। इस समिट की एक खास बात यह भी होगी कि इसे कार्बन न्यूट्रल रखने का संकल्प लिया गया है, जिससे पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दी जा सके।



