मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य के युवाओं के लिए बड़ी घोषणा की है। उन्होंने कहा है कि आगामी 5 वर्षों में प्रदेश के सरकारी विभागों में ढाई लाख भर्ती की जाएगी। मुख्यमंत्री के मुताबिक, इससे न केवल युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि विभिन्न विभागों में रिक्त पदों को भरकर प्रशासनिक कार्यों में भी तेजी आएगी। मोहन यादव ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी, जिससे एमपी के युवाओं को दोहरा लाभ मिलेगा — एक तरफ रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, वहीं सरकारी दफ्तरों की कार्यक्षमता में सुधार होगा।
युवाओं के लिए सुनहरा मौका या सियासी बयानबाजी?
हालांकि, मुख्यमंत्री के इस दावे पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों में लंबे समय से रिक्त पदों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उनका आरोप है कि सरकार केवल बड़े-बड़े दावे कर रही है, जबकि हकीकत में बेरोजगारी का संकट जस का तस बना हुआ है। कांग्रेस ने मोहन यादव सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि यह ऐलान महज चुनावी रणनीति का हिस्सा है, जिसका हकीकत से कोई वास्ता नहीं है।

एमपी में रोजगार पर सियासत गरमाई: सीएम के ऐलान पर कांग्रेस का हमला
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य के युवाओं के लिए बड़ी घोषणा करते हुए कहा है कि आगामी 5 वर्षों में सरकारी विभागों में ढाई लाख पदों पर भर्ती की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकारी भर्तियों के साथ-साथ औद्योगिक इकाइयां स्थापित होने के कारण भी रोजगार के साधन बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री के अनुसार, ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के जरिए प्रदेश में नए उद्योगों की स्थापना की योजना है, जिससे युवाओं को रोजगार के और भी अवसर मिलेंगे। सीएम ने इस पहल को राज्य के विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया है।
हालांकि, मुख्यमंत्री के इस दावे पर कांग्रेस ने सवाल उठाते हुए सरकार को आड़े हाथों लिया है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि वर्तमान में कई सरकारी विभागों में लंबे समय से पद खाली पड़े हैं, लेकिन सरकार केवल दावे कर रही है और हकीकत में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। सिंघार ने कहा कि यदि सरकार को वाकई युवाओं के भविष्य की चिंता है, तो उसे तत्काल रिक्त पदों को भरने के लिए कदम उठाने चाहिए।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी मुख्यमंत्री मोहन यादव के ऐलान पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार अपने ही वादों से पीछे हट रही है, जिससे युवाओं का भविष्य अंधकार में है। पटवारी ने आरोप लगाया कि बेरोजगारी के कारण ही प्रदेश में अपराधों में वृद्धि हो रही है। कांग्रेस नेताओं ने सरकार से मांग की है कि वह अपने चुनावी वादों को निभाते हुए युवाओं के लिए रोजगार के ठोस उपाय करे।



