महाशिवरात्रि से पहले छत्तीसगढ़ के मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। प्रदेश के कई इलाकों में बारिश और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। रायपुर मौसम केंद्र के अनुसार, उत्तर-पूर्वी छत्तीसगढ़ में वर्षा का प्रभाव अधिक रहेगा, जिससे तापमान में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। इस बदलाव का असर न सिर्फ किसानों पर पड़ेगा, बल्कि आम जनजीवन भी प्रभावित हो सकता है।
मौसम में बदलाव का कारण
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, छत्तीसगढ़ के पूर्वीक्षेत्रों में एक द्रोणिका रायलसीमा से दक्षिण छत्तीसगढ़ तक समुद्र तल से 9 किलोमीटर ऊंचाई पर स्थित है। इसी वजह से तापमान में परिवर्तन हो रहा है और बारिश की संभावना बनी हुई है। इस द्रोणिका के प्रभाव से प्रदेश के कुछ हिस्सों में बादल छाए रहने और कहीं-कहीं हल्की वर्षा होने की संभावना जताई गई है।

तापमान में गिरावट की संभावना
मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 24 घंटे में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में ज्यादा बदलाव की संभावना नहीं है। हालांकि, इसके बाद के दो दिनों में न्यूनतम तापमान में 2-3°C और अधिकतम तापमान में 1-2°C की गिरावट हो सकती है। प्रदेश में अधिकतम तापमान 35°C और न्यूनतम तापमान 21°C के आसपास बना रहेगा। रविवार को मौसम शुष्क रहने की संभावना है, जिससे दिन में हल्की गर्मी महसूस हो सकती है।
छत्तीसगढ़ के शहरों का तापमान
प्रदेश के विभिन्न शहरों में तापमान में अलग-अलग स्तर पर उतार-चढ़ाव देखने को मिला। रायपुर और बस्तर संभाग में न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रहा, जबकि बिलासपुर संभाग में तापमान अपेक्षाकृत अधिक दर्ज किया गया। वहीं, सरगुजा और दुर्ग संभाग में तापमान सामान्य बना रहा। दुर्ग में सबसे अधिक तापमान 35.2°C दर्ज किया गया, जबकि अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 13.9°C दर्ज हुआ।

किसानों और आम नागरिकों के लिए सतर्कता जरूरी
बारिश और तापमान में गिरावट को देखते हुए किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। असमय बारिश से फसलों पर असर पड़ सकता है, खासकर रबी फसल के लिए यह चुनौती बन सकती है। साथ ही, गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए नागरिकों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम पूर्वानुमान पर नजर बनाए रखें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।



