बहुजन समाज पार्टी (BSP) सुप्रीमो मायावती ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर जोरदार हमला बोला। आमतौर पर कांग्रेस और गांधी परिवार पर निशाना साधने वाली मायावती इस बार पूरी तरह BJP के खिलाफ मुखर नजर आईं। उन्होंने सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को ‘भिखारियों की फौज’ बताने वाले बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी और इसे गरीबों व पिछड़े वर्गों का अपमान करार दिया।
योगी सरकार के दावों पर उठाए सवाल
मायावती ने योगी सरकार के विकास संबंधी दावों पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि सरकार यूपी को ‘देश का ग्रोथ इंजन’ बताने में नहीं थकती, लेकिन हकीकत यह है कि राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी जरूरतें आज भी संकट में हैं। उन्होंने कहा कि आबादी के हिसाब से देश के सबसे बड़े राज्य में लोगों की दुर्दशा किसी से छिपी नहीं है। मायावती ने सरकार को नसीहत देते हुए कहा कि जनता के हितों पर ध्यान देना चाहिए, न कि झूठे दावों से जनता को भ्रमित करने की कोशिश करनी चाहिए।
BSP की नई रणनीति की आहट?
मायावती की इस आक्रामक शैली को BSP की नई रणनीति के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। हाल ही में अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी से बाहर करने के बाद मायावती पूरी तरह से पार्टी को मजबूत करने में जुट गई हैं। उनकी यह सक्रियता आगामी चुनावों के मद्देनजर BSP के बाउंसबैक की ओर इशारा कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि मायावती का BJP पर हमला दलित और पिछड़े वोट बैंक को फिर से अपने पाले में लाने की कोशिश है, जिससे आगामी चुनावों में BSP को मजबूती मिल सके।
गरीबी और बेरोजगारी पर बीजेपी सरकार को घेरा
बहुजन समाज पार्टी (BSP) सुप्रीमो मायावती ने बीजेपी सरकार पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि मौजूदा सरकार की गलत नीतियों ने देश को महंगाई, बेरोजगारी, गरीबी और अशिक्षा की जंजीरों में जकड़ दिया है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री द्वारा सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को ‘भिखारियों की फौज’ बताना न सिर्फ गरीबों का अपमान है, बल्कि सरकार की संकीर्ण और जातिवादी मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने इसे एक गंभीर विषय करार देते हुए कहा कि यह बयान करोड़ों उपेक्षित नागरिकों के प्रति बीजेपी की असंवेदनशील सोच को उजागर करता है।

धर्म और सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप
मायावती ने बीजेपी सरकार पर संविधान की धर्मनिरपेक्षता के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पूरे देश में बीजेपी सरकारें सरकारी मशीनरी और कानूनों का दुरुपयोग कर धर्म विशेष के नागरिकों और उनके धार्मिक स्थलों को निशाना बना रही हैं। उन्होंने इसे देश की एकता और विकास में बाधा डालने वाला कदम बताया। मायावती ने कहा कि सरकार को जनता के मूलभूत अधिकारों की रक्षा करनी चाहिए, न कि किसी खास समुदाय को टारगेट कर राजनीतिक एजेंडा चलाना चाहिए।
कांग्रेस के रास्ते पर चल रही बीजेपी?
मायावती ने कहा कि उनकी सरकार ने चार बार उत्तर प्रदेश में सामाजिक परिवर्तन और आर्थिक मुक्ति के लिए ऐतिहासिक फैसले लिए, लेकिन बीजेपी सरकार उन सुधारों को आगे बढ़ाने में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने कहा कि बीजेपी, कांग्रेस की गलत नीतियों को ही आगे बढ़ा रही है, जिससे आम जनता को किसी भी तरह का वास्तविक लाभ नहीं मिल रहा। उन्होंने दावा किया कि यूपी सरकार खुद को ‘ग्रोथ इंजन’ बताने में लगी है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी जरूरतों की भारी किल्लत बनी हुई है।



