दिल्ली विधानसभा चुनाव (Delhi Election 2025) के बाद अब सत्ता की चाबी किसके हाथ लगेगी, इस पर चर्चाएं तेज हो गई हैं। एग्जिट पोल के आंकड़ों के अनुसार, भाजपा ने इस बार निम्न और मध्य वर्ग के मतदाताओं में मजबूत पैठ बना ली है, जिससे आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस की चिंता बढ़ गई है। झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले 46% मतदाताओं ने भाजपा के पक्ष में मतदान किया, जबकि आम आदमी पार्टी को 45% वोट मिले हैं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि भाजपा ने इस बार परंपरागत मतदाताओं के साथ-साथ शहरी गरीब और मध्यम वर्ग को भी अपने पाले में लाने में सफलता हासिल की है।
पूर्वांचली, मुस्लिम-दलित गठजोड़ पर भाजपा की नज़र
दिल्ली की राजनीति में अब तक पूर्वांचली, मुस्लिम और दलित मतदाता AAP और कांग्रेस के मजबूत वोट बैंक माने जाते थे, लेकिन इस बार भाजपा ने इन समुदायों के बीच अपनी पैठ बढ़ाने के लिए नई रणनीति अपनाई। भाजपा ने झुग्गीवासियों को मुफ्त राशन, प्रधानमंत्री आवास योजना और उज्ज्वला योजना जैसी कल्याणकारी योजनाओं के जरिए अपने पक्ष में किया। इसके अलावा, मध्यवर्गीय परिवारों के लिए टैक्स छूट और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के वादे ने भाजपा को अतिरिक्त बढ़त दिलाई। चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने बार-बार इस वर्ग को साधने की कोशिश की, जिसका असर एग्जिट पोल के आंकड़ों में साफ दिख रहा है।
सत्ता की चाबी किसके हाथ? विपक्षी दलों में मंथन जारी
अब जब एग्जिट पोल के आंकड़े भाजपा और AAP के बीच कांटे की टक्कर दिखा रहे हैं, विपक्षी दलों में मंथन तेज हो गया है। कांग्रेस के लिए यह चुनाव वजूद बचाने की लड़ाई बन गया था, लेकिन वह मुकाबले में कहीं नजर नहीं आ रही। वहीं, AAP इस नतीजे से हैरान है, क्योंकि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को उम्मीद थी कि झुग्गी बस्तियों में उनकी पकड़ बनी रहेगी। अब सबकी नजरें चुनाव के आधिकारिक नतीजों पर हैं, जो यह तय करेंगे कि क्या भाजपा की यह सेंध सत्ता तक पहुंचाएगी या फिर AAP एक बार फिर दिल्ली की सत्ता में लौटेगी।
झुग्गी-झोपड़ी इलाकों में भाजपा की ऐतिहासिक बढ़त
दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के एग्जिट पोल के नतीजे भाजपा के पक्ष में सकारात्मक संकेत दे रहे हैं। आमतौर पर झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्रों को AAP का मजबूत गढ़ माना जाता था, लेकिन इस बार भाजपा ने यहां 46% मत हासिल कर बड़ी सेंध लगा दी है, जबकि आप को 45% वोट मिले हैं। इससे पहले झुग्गी बस्तियों में भाजपा को 20-25% वोट ही मिलते थे, लेकिन इस बार के आंकड़े भाजपा की नई रणनीति की सफलता को दर्शाते हैं। इन क्षेत्रों में भाजपा की नीतियों, खासकर पीएम आवास योजना, मुफ्त राशन और बुनियादी सुविधाओं के विकास ने मतदाताओं को प्रभावित किया है।
मध्यम वर्गीय इलाकों में भी भाजपा की बढ़त
एग्जिट पोल के अनुसार, दिल्ली के कॉलोनी और फ्लैट क्षेत्रों में रहने वाले 68% मतदाताओं में से 48% ने भाजपा को वोट दिया, जबकि आप को 42% वोट मिले। यह बदलाव भाजपा के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये इलाके आमतौर पर AAP के प्रभाव में रहे हैं। भाजपा की मजबूत चुनावी रणनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और मध्यम वर्ग के लिए कर राहत जैसी नीतियों ने इन इलाकों में भाजपा को बढ़त दिलाई है। खासकर उत्तर-पूर्वी दिल्ली, पूर्वी दिल्ली, चांदनी चौक, संगम विहार, पालम, करावल नगर और पटपड़गंज जैसी सीटों पर भाजपा का प्रदर्शन पहले से बेहतर रहा है।
मुस्लिम बहुल इलाकों में भाजपा ने बढ़ाया प्रभाव
दिल्ली चुनाव में एक बड़ा बदलाव मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में भाजपा के प्रदर्शन में देखने को मिला है। एग्जिट पोल के मुताबिक, भाजपा ने इन इलाकों में भी 50% के करीब मत हासिल किए हैं, जो पार्टी के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। यह संकेत देता है कि भाजपा ने इन समुदायों में अपनी पहुंच और प्रभाव को बढ़ाया है। वहीं, मुस्लिम मतदाताओं में विभाजन साफ दिख रहा है, जिससे यह स्पष्ट हो रहा है कि मतदाता अब मुफ्त योजनाओं की बजाय विकास और रोजगार को प्राथमिकता दे रहे हैं।
AAP और कांग्रेस के लिए बढ़ी चुनौती
इस चुनाव में भाजपा की रणनीति ने AAP और कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कांग्रेस पहले ही हाशिए पर जा चुकी थी, लेकिन AAP को उम्मीद थी कि झुग्गी-बस्तियों और अल्पसंख्यक क्षेत्रों में उसकी पकड़ बरकरार रहेगी। हालांकि, भाजपा की योजनाओं, चुनावी प्रचार और संगठनात्मक ताकत ने आप के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। अभी निर्वाचन आयोग की ओर से बूथवार आंकड़े जारी नहीं हुए हैं, लेकिन एग्जिट पोल के नतीजे बताते हैं कि इस बार का चुनाव दिल्ली की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकता है।





