छत्तीसगढ़ के बीजापुर और नारायणपुर से लगी महाराष्ट्र सीमा पर सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच बड़ी मुठभेड़ हुई है। अब तक 31 नक्सलियों के मारे जाने की खबर सामने आई है, हालांकि यह संख्या बढ़ सकती है। इस ऑपरेशन में डीआरजी, एसटीएफ और सी-60 कमांडो की संयुक्त टीम शामिल थी। सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ स्थल से ऑटोमैटिक हथियार भी बरामद किए हैं। इस कार्रवाई के दौरान दो जवान शहीद हो गए और दो अन्य घायल हुए हैं।
सुबह से जारीहै मुठभेड़, इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज
सुबह 8 बजे से शुरू हुई यह मुठभेड़ अब भी जारी है। सुरक्षाबलों को नेशनल पार्क क्षेत्र में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी, जिसके बाद एक संयुक्त टीम को रवाना किया गया। मौके पर पहुंचते ही नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसका जवाब देते हुए जवानों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया। मुठभेड़ के बाद इलाके में सघन सर्चिंग ऑपरेशन चलाया जा रहा है ताकि बच निकले नक्सलियों को पकड़ा जा सके।
ऑटोमैटिक हथियारों के साथ भारी संख्या में नक्सली ढेर
मुठभेड़ स्थल से बरामद ऑटोमैटिक हथियार इस बात की ओर इशारा करते हैं कि मारे गए नक्सली बड़े कैडर के थे। यह ऑपरेशन सुरक्षाबलों के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है, क्योंकि इतने बड़े पैमाने पर नक्सलियों का सफाया पहले कभी नहीं हुआ था। अधिकारियों का कहना है कि नक्सली इलाकों में अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए लगातार हमले की फिराक में रहते हैं, लेकिन इस बार सुरक्षाबलों ने उन्हें करारा जवाब दिया है।

नक्सल उन्मूलन की दिशा में बड़ा कदम
बीजापुर और आसपास के इलाकों में पिछले कुछ वर्षों से सुरक्षाबलों द्वारा लगातार नक्सल विरोधी अभियान चलाया जा रहा है। इस मुठभेड़ को नक्सल उन्मूलन की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। एएसपी चंद्रकांत गवर्ना ने बताया कि घटनास्थल से कई नक्सलियों के शव देखे गए हैं, लेकिन उनकी सही संख्या की पुष्टि टीम के लौटने के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है और सुरक्षाबल पूरी मुस्तैदी के साथ तैनात हैं।
नेशनल पार्क मुठभेड़ में 31 नक्सली ढेर, हथियार और विस्फोटक बरामद
छत्तीसगढ़ के नेशनल पार्क क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में अब तक 31 वर्दीधारी नक्सलियों के शव बरामद किए गए हैं। सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ स्थल से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री भी जब्त की है। मृत नक्सलियों की पहचान की प्रक्रिया जारी है, जबकि इलाके में सर्च ऑपरेशन अभी भी चल रहा है। इस मुठभेड़ में घायल हुए दोनों जवानों की हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है और उन्हें बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर में रेफर कर दिया गया है।
8 दिन पहले भी हुआ था बड़ा ऑपरेशन
यह बड़ी कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब महज 8 दिन पहले ही बीजापुर के जंगलों में सुरक्षाबलों ने 12 नक्सलियों को मार गिराया था। बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने उस मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया था कि सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के बड़े कैडर को घेरकर ऑपरेशन को अंजाम दिया था। इस अभियान में डीआरजी, एसटीएफ, कोबरा 2022 और सीआरपीएफ 222 बटालियन की टीमों ने संयुक्त रूप से हिस्सा लिया था। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से नक्सल संगठनों को करारा झटका लगा है।



