छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ लगातार अभियान चला रहे सुरक्षाबलों को बीजापुर में बड़ी सफलता मिली है। शनिवार को हुई मुठभेड़ में जवानों ने आठ नक्सलियों को मार गिराया। घटनास्थल से इंसास राइफल, बीजीएल लॉन्चर समेत कई आधुनिक हथियार बरामद किए गए हैं। यह मुठभेड़ थाना गंगालूर क्षेत्र के कोरचोली-तोड़का जंगलों में हुई, जहां डीआरजी, एसटीएफ, कोबरा 202 और केंद्रीय रिजर्व पुलिस 222 वाहिनी की संयुक्त टीम को नक्सलियों के छिपे होने की गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद सुरक्षाबलों ने तेजी से नक्सल विरोधी अभियान शुरू किया।
नक्सली कैंप ध्वस्त, जवानों ने बढ़ाया दबाव
मुठभेड़ के दौरान जवानों ने नक्सलियों के एक बड़े कैंप को भी ध्वस्त कर दिया, जिससे उनकी रणनीतिक क्षमता को भारी नुकसान पहुंचा है। सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच घंटों तक रुक-रुक कर फायरिंग चलती रही। इस दौरान दो डीआरजी जवानों को हल्की चोटें आईं, लेकिन उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि अभियान के दौरान कई और नक्सलियों के मारे जाने और घायल होने की संभावना है, इसलिए इलाके में व्यापक स्तर पर सर्च ऑपरेशन जारी है।

छत्तीसगढ़ में बढ़ते एनकाउंटर, नक्सलियों पर दबाव
इस साल अब तक राज्य में 50 से ज्यादा नक्सली मारे जा चुके हैं। गरियाबंद जिले में 20-21 जनवरी को हुई मुठभेड़ में ही सुरक्षाबलों ने 16 नक्सलियों को ढेर किया था। साल 2024 में छत्तीसगढ़ में अलग-अलग अभियानों के तहत 219 नक्सली मारे गए थे, जिससे साफ है कि सुरक्षाबलों का अभियान लगातार तेज हो रहा है। सरकार और सुरक्षा एजेंसियां नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने के लिए नई रणनीतियों पर काम कर रही हैं, जिससे माओवादियों पर दबाव बढ़ता जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने जवानों के पराक्रम को सराहा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बीजापुर मुठभेड़ में मिली सफलता पर सुरक्षाबलों की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि यह जवानों के अदम्य साहस और रणनीतिक कुशलता का परिणाम है, जिससे नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई को और मजबूती मिली है। सीएम ने सुरक्षाबलों की बहादुरी को सलाम करते हुए कहा कि सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ नक्सल उन्मूलन के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि 31 मार्च 2026 तक देश और प्रदेश से नक्सलवाद का पूरी तरह से खात्मा कर दिया जाएगा।



