प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आज (10 मार्च) छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल के भिलाई स्थित आवास पर छापेमारी की। यह छापा कथित आर्थिक अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग मामलों से जुड़े जांच के तहत मारा गया। भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल के घर समेत राज्य में कुल 14 जगहों पर सर्च ऑपरेशन चल रहा है। यह कार्रवाई शराब घोटाले से जुड़े मामलों में की जा रही है, जो कि करीब 2161 करोड़ रुपये का बताया जा रहा है।
शराब घोटाले में जांच का दायरा बढ़ा
छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल के मुख्यमंत्री कार्यकाल (2018-2023) के दौरान हुए इस कथित शराब घोटाले में अब तक कई चर्चित अधिकारियों और एक पूर्व मंत्री की भी गिरफ्तारी हो चुकी है। इस मामले में ED लगातार कार्रवाई कर रही है। भूपेश बघेल के नेतृत्व में कांग्रेस ने 2023 के विधानसभा चुनाव लड़े थे, लेकिन पार्टी को हार का सामना करना पड़ा था। अब इस छापेमारी से राज्य की राजनीति में हलचल मच गई है।

महादेव सट्टा ऐप और कोल लेवी स्कैम के आरोप
भूपेश बघेल के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान उन पर महादेव सट्टा ऐप और कोल लेवी स्कैम से जुड़े गंभीर आरोप लगे थे। कोल लेवी स्कैम में करीब 570 करोड़ रुपये की धांधली का मामला सामने आया था। इन आरोपों के चलते बघेल को राजनीतिक नुकसान भी उठाना पड़ा, जिसका असर पिछले लोकसभा चुनाव में उनकी हार के रूप में देखा गया। वर्तमान में भूपेश बघेल कांग्रेस महासचिव के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने इन छापेमारी को अपने खिलाफ साजिश करार देते हुए इसे राजनीतिक षड्यंत्र बताया है।
बेटे चैतन्य बघेल के घर भी ED की कार्रवाई
भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल के घर पर भी आज सुबह प्रवर्तन निदेशालय ने छापेमारी की। चैतन्य बघेल का रियल एस्टेट का कारोबार है, साथ ही वह खेती में भी रुचि रखते हैं। अक्सर खेतों के बीच उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर नजर आती हैं। चैतन्य की शादी तीन साल पहले ख्याति बघेल से हुई थी, जो किसान परिवार से ताल्लुक रखती हैं। छापेमारी के बाद से इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है।



