मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वॉटर स्पोर्ट्स प्रतियोगिता के उद्घाटन अवसर पर जल के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि पौराणिक मान्यता के अनुसार पंचमहाभूतों में जल का विशेष स्थान है। जीव की उत्पत्ति जल से होती है और इसी कारण मानव का जल से गहरा संबंध है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति प्रायः मन की शांति के लिए जल स्त्रोतों के समीप जाता है, क्योंकि जल में अद्भुत आकर्षण और सुकून देने की क्षमता होती है।
उमंग के साथ प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ
बड़े तालाब स्थित वॉटर स्पोर्ट्स सेंटर में पुलिस बैंड की सुमधुर धुनों के बीच मुख्यमंत्री डॉ. यादव का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। उन्होंने विभिन्न राज्यों और पुलिस इकाइयों के टीम मैनेजरों से परिचय प्राप्त किया। कार्यक्रम की शुरुआत तिरंगे गुब्बारों को आकाश में छोड़कर की गई। मुख्यमंत्री के सामने प्रतियोगी टीमों ने शानदार मार्च-पास्ट और रो-पास्ट का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने मुख्यमंत्री को आयोजन का स्मृति चिन्ह भेंट किया।
खेलों से स्वस्थ मस्तिष्क और मजबूत आत्मा का निर्माण
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुलिस, अर्धसैनिक बल और सेना के जवान उत्साह, उमंग और समर्पण के प्रतीक होते हैं। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का वास होता है और खेलों के माध्यम से मन, बुद्धि और आत्मा की शुद्धि प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने सभी प्रतिभागी टीमों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि खेल भावना से प्रेरित होकर प्रतियोगिता में भाग लें और अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से प्रदेश और देश का नाम रोशन करें।

राज्य सरकार की ओर से खिलाड़ियों का अभिनंदन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न राज्यों और केन्द्रीय अर्धसैनिक बलों की टीमों का राज्य सरकार की ओर से स्वागत और अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन न केवल खेलों को बढ़ावा देता है, बल्कि राज्यों और सुरक्षा बलों के बीच आपसी समन्वय और सौहार्द्र को भी मजबूत करता है। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव गृह जे.एन. कंसोटिया और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। देशभक्ति गीतों की गूंज के बीच यह आयोजन खिलाड़ियों और दर्शकों के लिए एक प्रेरणादायक अनुभव बना।
अखिल भारतीय पुलिस वॉटर स्पोर्ट्स प्रतियोगिता
भोपाल के बड़े तालाब में आयोजित छठवीं अखिल भारतीय पुलिस वॉटर स्पोर्ट्स प्रतियोगिता में देशभर से 22 टीमों के 557 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें 123 महिला खिलाड़ी शामिल हैं। प्रतियोगिता का उद्घाटन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया और सभी खिलाड़ियों की सफलता की कामना की। उन्होंने कहा कि जल पंचमहाभूतों में विशेष स्थान रखता है और मनुष्य का इससे प्राकृतिक आकर्षण जुड़ा हुआ है। राजा भोज द्वारा निर्मित भोपाल का तालाब न केवल ऐतिहासिक धरोहर है, बल्कि वॉटर स्पोर्ट्स के लिए एक आदर्श स्थल भी है। प्रतियोगिता के दौरान कयाकिंग, केनोइंग और रोइंग की कुल 27 प्रतिस्पर्धाओं में 360 मेडल्स और ट्रॉफियों के लिए मुकाबले होंगे।
भोपाल बनी वॉटर स्पोर्ट्स की राजधानी
पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने कहा कि खेलों का इतिहास प्राचीन भारतीय संस्कृति से जुड़ा हुआ है और राजा भोज द्वारा निर्मित भोपाल का तालाब आज वॉटर स्पोर्ट्स गतिविधियों का केंद्र बन चुका है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में राज्य शासन ने खेल और खिलाड़ियों को हर संभव सहयोग और प्रोत्साहन प्रदान किया है। इस प्रतियोगिता में अंडमान निकोबार, असम, बिहार, महाराष्ट्र, केरल, पंजाब, उत्तर प्रदेश, सीआरपीएफ, आइटीबीपी और सीमा सुरक्षा बल सहित कुल 22 टीमों की भागीदारी ने आयोजन को राष्ट्रीय स्तर का भव्य स्वरूप दिया है।



