लखनऊ से मुंबई जा रही पुष्पक एक्सप्रेस के यात्रियों के लिए एक अफवाह काल बन गई। ट्रेन के चलते समय चिंगारी निकलने के बाद आग की अफवाह फैल गई, जिससे यात्रियों में हड़कंप मच गया। जिस वजह से कई यात्री ट्रेन से उतरकर ट्रैक पर आ गए, और कुछ ही समय बाद दूसरी ट्रेन, कर्नाटक एक्सप्रेस, ने इन यात्रियों को कुचल दिया। यह दिल दहला देने वाला हादसा बुधवार शाम पांच बजे महाराष्ट्र के जलगांव जिले के परांडा रेलवे स्टेशन के पास हुआ।

अफवाह बनी काल , दूसरी ट्रेन की चपेट में आए यात्री
हादसा तब हुआ जब पुष्पक एक्सप्रेस भुसावल से आगे बढ़ रही थी और जलगांव के परांडा स्टेशन के पास ही ये बड़ा हादसा हुआ हैं। आग की अफवाह से यात्री बिना सोचे-समझे ट्रेन से उतरकर ट्रैक पर खड़े हो गए, और उसी समय कर्नाटक एक्सप्रेस, जो बैंगलुरु से दिल्ली जा रही थी, ने उन यात्रियों को कुचल दिया। इस हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई और 40 से ज्यादा यात्री घायल हो गए। कर्नाटक एक्सप्रेस की चपेट में आने के बाद अफवाह के शिकार ये यात्री अपनी जान गंवा बैठे।
इस दर्दनाक हादसे के बाद रेलवे प्रशासन में हड़कंप मच गया। घटना के बाद से ही रेलवे सुरक्षा बल और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। इस हादसे ने यह साबित कर दिया कि बिना पुष्टि के अफवाहों का असर कितना घातक हो सकता है, और यात्रियों को इस प्रकार के खतरों से बचने के लिए सतर्क रहना चाहिए।
मुख्यमंत्री और गृहमंत्री ने जताया शोक..
पुष्पक एक्सप्रेस दुर्घटना पर दुख व्यक्त करते हुए ,महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मृतकों के परिजनों को राज्य सरकार की ओर से ,5 लाख रुपए की सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही घायलों के निशुल्क इलाज का भी आश्वासन दिया। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी हादसे के बाद मुख्यमंत्री फडणवीस से फोन पर बात की और मृतकों के परिजनों से संवेदना व्यक्त की। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस हादसे पर शोक जताया और मृतकों की आत्मा की शांति की कामना की।

दुर्घटनास्थल पर भेजी गई मेडिकल ट्रेन
दुर्घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने घायलों को निकट के अस्पतालों में भेजने का कार्य तेज कर दिया। जलगांव के पुलिस अधीक्षक के अनुसार, हादसे में अब तक 12 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है और 40 लोग घायल हुए हैं। घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए मेडिकल रिलीफ ट्रेन भी दुर्घटनास्थल पर भेजी गई। महाराष्ट्र के मंत्री गिरीश महाजन स्वयं मौके पर पहुंचकर राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।
अलार्म चेन खींचने के बाद हुआ हादसा
दुर्घटना के बाद रेलवे बोर्ड के कार्यकारी निदेशक दिलीप कुमार ने बताया कि ,कुछ यात्रियों ने अलार्म चेन खींची और ट्रेन से उतर गए। इसके बाद इन यात्रियों ने गलत तरीके से पटरियों को पार करने की कोशिश की और पटरियों पर खड़े हो गए, जिसके परिणामस्वरूप वे दूसरी ट्रेन, कर्नाटक एक्सप्रेस की चपेट में आ गए।
भुसावल से कुछ यात्री ट्रेन में चढ़े थे, और इनमें से एक यात्री ने अलार्म चेन खींची थी, जिससे ट्रेन रुक गई। हालांकि, बाद में यात्रियों की जान पर संकट आ गया। रेलवे प्रशासन ने दुर्घटनास्थल पर राहत कार्य शुरू कर दिए हैं और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मेडिकल टीम और एंबुलेंस भी मौके पर भेजी गई हैं।



