लोकसभा में बुधवार को वक्फ संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी (SP) प्रमुख अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) में राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव में हो रही देरी को लेकर तंज कसा। उन्होंने कहा कि जो पार्टी खुद को दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बताती है, वह अभी तक यह तय नहीं कर पाई कि उसका राष्ट्रीय अध्यक्ष कौन होगा। अखिलेश के इस बयान पर गृह मंत्री अमित शाह ने हंसते हुए पलटवार किया और कहा कि उनकी पार्टी में करोड़ों सदस्य हैं, इसलिए फैसला लेने में वक्त लगना स्वाभाविक है। वहीं, उन्होंने समाजवादी पार्टी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वहां तो सिर्फ परिवार के पांच लोगों को अध्यक्ष चुनना होता है, इसलिए देर नहीं लगती।
अखिलेश का नागपुर यात्रा पर तंज, शाह का मजाकिया जवाब
अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हाल ही में हुई नागपुर यात्रा का जिक्र करते हुए इसे 75 साल के एक्सटेंशन की योजना से जोड़ दिया। उन्होंने हंसते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर इसे लेकर कई चर्चाएं हो रही हैं। इस पर शाह ने भी मजाकिया लहजे में जवाब देते हुए कहा कि अखिलेश जी को अध्यक्ष बनने में बिल्कुल देर नहीं लगेगी, वह चाहें तो 25 साल तक अध्यक्ष रह सकते हैं। इस हल्के-फुल्के संवाद ने लोकसभा में गर्मागर्म बहस के बीच एक दिलचस्प मोड़ ला दिया।
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लोकसभा में अखिलेश यादव को स्पीकर की टोक, वक्फ मुद्दे पर ध्यान देने की नसीहत
लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने अपनी बात रखते हुए महाकुंभ, नोटबंदी, महंगाई, गंगा सफाई और किसानों की समस्याओं का जिक्र करना शुरू कर दिया। वे इन मुद्दों पर करीब पांच मिनट तक बोलते रहे, जिस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को उन्हें टोकना पड़ा। बिरला ने कहा, “अखिलेश जी, वक्फ के मुद्दे पर भी आ जाओ।” इस टिप्पणी के बाद सदन में ठहाके लगे, और चर्चा दोबारा वक्फ बिल पर केंद्रित हो गई।

विपक्ष पर सत्ता पक्ष का वार, JDU और शिवसेना ने किया समर्थन
JDU सांसद और केंद्रीय पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग यह नैरेटिव बनाने की कोशिश कर रहे हैं कि यह बिल मुस्लिम विरोधी है, जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है। उन्होंने कांग्रेस को पिछलग्गू पार्टी बताते हुए कहा कि खुद कांग्रेस के नेताओं ने वक्फ की संपत्तियों पर नियंत्रण के लिए कड़े कानून की मांग की थी। वहीं, शिवसेना (शिंदे गुट) के सांसद श्रीकांत शिंदे ने कहा कि “370, ट्रिपल तलाक, CAA की तरह ही यह बिल गरीब मुसलमानों के उद्धार के लिए लाया गया है।” उन्होंने अरविंद सावंत पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यदि बाला साहेब ठाकरे होते, तो क्या वे ऐसे ही भाषण देने की हिम्मत कर पाते?



