पतंग उड़ाई तो भरना पडेगा जुर्माना : पाकिस्तानी सरकार का बड़ा ऐलान
पाकिस्तान के पंजाब में पतंग उड़ाना अब गैर कानूनी हो गया है। पंजाब विधानसभा ने इस पर रोक लगाने के लिए, एक सख्त कानून पारित किया। पाकिस्तान में सत्तारूढ़ मुस्लिम लीग पार्टी के विधायक मुजतबा शुजा-उर-रहमान ने पतंगबाजी पर रोक लगाने के लिए, एक नया विधेयक पेश किया, जिसे विधानसभा में बहुमत से मंजूरी मिल गई। उनका मानना है कि, ये कदम पतंगबाजी से होने वाली दुर्घटनाओं और जनहानि को रोकने के लिए उठाया गया। हालांकि, सरकार के इस फैसले से पतंगबाजी से जुड़े व्यवसायों पर गहरा असर पड़ सकता है।

खत्म हुआ पतंगबाजी का रोमांच: अब सजा और जुर्माने का कानून
सरकार के इस नए कानून में ,न केवल पतंग उड़ाने वालों पर, बल्कि इसे बनाने और बेचने वालों पर भी कड़ी कार्रवाई के प्रावधान है। पतंग बनाने या बेचने वालों को 5 से 7 साल की जेल या 50 लाख रुपए का जुर्माना या दोनों भुगतने होंगे। जुर्माना न भरने पर 2 साल की और अधिक सजा भी दी जा सकती है।
खास बात यह है कि, नाबालिगों के लिए सजा के अलग प्रावधान है। पहली बार पकड़े जाने पर 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा, दूसरी बार में यह जुर्माना 1 लाख रुपए हो जाएगा। तीसरी बार अपराध करने पर नाबालिगों को 2018 के जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत सजा का सामना करना होगा। यह कठोर कानून पतंगबाजी के शौकीनों बुरी खबर है।
पंजाब में पतंग पर पहरा : व्यवसायों पर असर गहरा
पतंग उड़ाने पर प्रतिबंध की शुरुआत सबसे पहले 2005 में लाहौर से हुई थी, जब मांझे से होने वाली दुर्घटनाओं में कम से कम 11 लोग घायल हुए थे। अब, पंजाब विधानसभा ने इस प्रतिबंध को लाहौर से आगे बढ़ाकर पूरे सूबे में लागू करने का फैसला किया है।
खासतौर पर यह कदम वसंत त्योहार से पहले उठाया गया है, जो कि पतंगबाजी के जरिए वसंत का स्वागत करने की परंपरा के लिए जाना जाता है। नया कानून न केवल पतंग उड़ाने पर, बल्कि इसे बनाने और बेचने पर भी कठोर सजा का प्रावधान करता है, जिससे सूबे में पतंगबाजी पर पूरी तरह से रोक लगाई जा सके
पतंग उड़ाने पर प्रतिबंध और कठोर कानून लागू होने से न केवल पतंगबाजी के शौकीनों में निराशा है, बल्कि इससे जुड़े व्यवसायों पर भी गहरा असर पड़ने की आशंका है। पतंग बनाने और बेचने वालों को अब 5 से 7 साल की जेल या भारी जुर्माना झेलना पड़ सकता है। यह कानून पतंगबाजी से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए लाया गया है, लेकिन इसका सीधा असर उन लोगों की आजीविका पर पड़ेगा, जो इस पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े हैं।
पंजाब में पतंगबाजी पर रोक का फैसला सुरक्षा और परंपरा के बीच संतुलन बनाने की कोशिश है। यह कदम जहां लोगों की सुरक्षा के लिए उठाया गया है, वहीं यह एक लोकप्रिय सांस्कृतिक परंपरा को सीमित कर सकता है। यह कानून न केवल पतंग उड़ाने, बल्कि इसे बनाने और बेचने पर भी सख्त प्रावधान लागू करता है। इसे लागू करने की प्रक्रिया और जनता की प्रतिक्रिया इस फैसले की सफलता को प्रभावित करेगी।



