आज 14 फरवरी (शुक्रवार) को सोना अपने नए ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 341 रुपये बढ़कर ₹86,089 हो गया। इससे पहले, 13 फरवरी को यह ₹85,748 और 11 फरवरी को ₹85,903 रुपये के स्तर पर था। चांदी की कीमतों में भी तेजी आई है, और 1 किलो चांदी ₹1,945 बढ़कर ₹97,494 पर पहुंच गई।

जनवरी से अब तक सोने में ₹9,927 और चांदी में ₹11,477 की बढ़ोतरी
साल 2025 की शुरुआत से अब तक सोना और चांदी, दोनों ने निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न दिया है। 1 जनवरी को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना ₹76,162 था, जो अब ₹9,927 की बढ़त के साथ ₹86,089 पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी की कीमत ₹86,017 से ₹11,477 की बढ़त के साथ ₹97,494 पर पहुंच गई।
चार महानगरों और भोपाल में सोने की ताजा कीमतें
देश के चार प्रमुख महानगरों और भोपाल में आज सोने के रेट अलग-अलग रहे। दिल्ली में 24 कैरेट सोना ₹87,310, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में ₹87,160, जबकि भोपाल में ₹87,210 प्रति 10 ग्राम रहा। वहीं, 22 कैरेट सोना दिल्ली में ₹80,050, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में ₹79,900 और भोपाल में ₹79,950 पर पहुंचा।

सोना-चांदी में निवेशकों की बढ़ी दिलचस्पी
कीमती धातुओं में लगातार बढ़ती कीमतों ने निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता और मजबूत निवेश मांग के कारण सोना और चांदी में यह तेजी जारी है।
सोने की कीमतों में तेजी के प्रमुख कारण
सोने की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के पीछे कई कारण हैं। सबसे पहला कारण है अमेरिका में ट्रम्प के राष्ट्रपति बनने से बढ़े जियो पॉलिटिकल टेंशन, जो वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता को बढ़ाते हैं। इसके साथ ही डॉलर के मुकाबले रुपये के कमजोर होने से भी सोना महंगा हो रहा है। महंगाई में बढ़ोतरी और शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव का बढ़ना भी सोने की कीमतों को समर्थन दे रहा है, क्योंकि निवेशक सोने को सुरक्षित निवेश के रूप में देख रहे हैं।
2024 में सोने और चांदी का शानदार रिटर्न
2024 में सोने ने 20.22% और चांदी ने 17.19% का शानदार रिटर्न दिया। 1 जनवरी 2024 को 10 ग्राम सोना ₹63,352 पर था, जो 31 दिसंबर 2024 तक ₹76,162 तक पहुंच गया। इसी तरह, चांदी की कीमत ₹73,395 से बढ़कर ₹86,017 प्रति किलोग्राम हो गई। केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया का कहना है कि इस साल सोना 90 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है, क्योंकि जियो पॉलिटिकल टेंशन और गोल्ड ETF में बढ़ते निवेश से गोल्ड की डिमांड बढ़ रही है।



