मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मोदी सरकार के 11 साल पूरे होने पर केंद्र की योजनाओं में हुए भ्रष्टाचार को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव के दावों को झूठा बताते हुए योजनाओं में लूट और घोटाले की पोल खोल दी।

मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार की गरीबों, किसानों और मजदूरों के लिए शुरू की गई योजनाएं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी हैं। जल जीवन मिशन से लेकर प्रधानमंत्री आवास योजना और आयुष्मान भारत तक—हर योजना में गबन, फर्जीवाड़ा और रिश्वतखोरी का घिनौना खेल खेला गया। ग्रामीण जनता अब भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है, जबकि भ्रष्ट अधिकारियों और ठेकेदारों की जेबें भरती रहीं।
जल जीवन मिशन बना भ्रष्टाचार का टैंक
रीवा, झाबुआ, सतना, पन्ना, छतरपुर जैसे जिलों में जल जीवन मिशन के नाम पर हजारों करोड़ों खर्च कर दिए गए, लेकिन घरों में पानी नहीं पहुँचा। फोटोकॉपी और टाइपिंग जैसे कार्यों पर लाखों के फर्जी बिल बनाए गए। फर्जी फर्मों के जरिए सरकारी धन की लूट मची रही। अकेले रीवा में ₹300 करोड़ से ज्यादा का घोटाला सामने आया है। अनुमान है कि राज्य भर में यह घोटाला ₹21,000 करोड़ तक पहुँच चुका है।
कागज़ पर शौचालय, ज़मीन पर गड्ढे
स्वच्छ भारत मिशन में बैतूल, मंडला और डिंडोरी जैसे जिलों में डिजिटल सिग्नेचर का दुरुपयोग कर ₹13.21 करोड़ का भुगतान कर दिया गया। शौचालय कागज़ पर बने, लेकिन जमीन पर कुछ भी नहीं। फर्जी ऑडिट रिपोर्ट से गबन को जायज़ ठहराया गया। इसी तरह आयुष्मान भारत योजना में निजी अस्पतालों ने फर्जी बिल और अनावश्यक सर्जरी दिखाकर करोड़ों का फर्जीवाड़ा किया।

हर योजना में वही स्क्रिप्ट – फर्जी दस्तावेज, अपात्र लाभार्थी, रिश्वत
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, पीएम आवास योजना, मुद्रा योजना और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना—सभी योजनाओं में अपात्र लोगों को लाभ दिया गया, पात्र किसान और मजदूर लाइन में लगे रह गए। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ जैसी योजनाएं भी भ्रष्टाचार के दलदल में धंस गईं। हर योजना में कागजी प्रगति दिखाकर जनता को भ्रमित किया गया।
सवाल जनता का, जवाब किसका?
जब गरीब पानी के लिए मीलों चल रहे हैं, किसान आत्महत्या कर रहे हैं और महिलाएं बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं, तब मुख्यमंत्री मंच से मोदी सरकार की तारीफ में बेशर्मी से भाषण दे रहे हैं। जीतू पटवारी ने सीधा सवाल किया है – “मोदी जी, 11 साल में एक भी योजना ईमानदारी से क्यों नहीं चली? क्या आप जवाब देंगे?”
यह सिर्फ भ्रष्टाचार नहीं, यह जनता के अधिकारों की लूट है। अब वक्त है जवाबदेही तय करने का और लुटेरों को बेनकाब करने का।


