मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें केंद्रीय गृहमंत्री एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिरकत की। इस अवसर पर सी.पी.पी.पी. योजना के तहत मेजेस्टिक ग्रुप मंडीदीप और पैक्स घाट पिपरिया के साथ पूसा बासमती धान प्रोक्योरमेंट को लेकर एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। साथ ही, विभिन्न पैक्स व्यवसायों के लिए ऋण पत्र और किसान क्रेडिट कार्ड का वितरण किया गया। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मंडल ने पैक्स मेहड़वानी को कोदो-कुटकी प्लांट के लिए ₹60 लाख का ऋण प्रदान किया, वहीं पैक्स गोगांव को सुपरमार्केट प्रोजेक्ट हेतु राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम द्वारा ₹120 लाख का ऋण स्वीकृत किया गया।
राज्य में सहकारिता को मिलेगा नया आयाम
सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने कहा कि देश में सहकारिता आंदोलन को फिर से मजबूत करने की दिशा में मोदी सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश में 5500 से अधिक नई समितियाँ बनाई जाएंगी और 50% गांवों में प्राथमिक दुग्ध उत्पादक समितियों की स्थापना का लक्ष्य है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी दुग्ध उत्पादन को लेकर अपनी प्रतिबद्धता जताई और बताया कि 14 अप्रैल को डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के अवसर पर ‘कामधेनु पशुपालन योजना’ की शुरुआत की जाएगी। योजना के अंतर्गत किसानों को अनुदान मिलेगा और गौपालन को प्रोत्साहित किया जाएगा। सरकार गाय के दूध की खरीद को प्राथमिकता देकर किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में कदम उठा रही है।
मॉडल बायलॉज से सहकारिता को नई दिशा
केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन में कहा कि देशभर के राज्यों ने प्राइमरी एग्रीकल्चर को-ऑपरेटिव सोसायटी (पैक्स) के लिए तैयार किए गए मॉडल बायलॉज को अपनाया है, जिससे सहकारिता आंदोलन को मजबूती मिली है। उन्होंने सभी राज्यों को धन्यवाद देते हुए कहा कि जब नीयत साफ हो, तो नतीजे भी सकारात्मक आते हैं। एक समय केवल कृषि ऋण तक सीमित पैक्स अब 20 से अधिक कार्यों से जुड़ चुका है, जिसमें 300 से ज्यादा सरकारी योजनाओं का संचालन भी शामिल है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश पैक्स के कम्प्यूटरीकरण में देश में अव्वल है और अब यह संस्थाएं ट्रेन टिकट, पेट्रोल पंप संचालन और फर्टीलाइजर डीलरशिप जैसे काम भी करेंगी। छोटे किसानों को भी बीज वितरण और प्रशिक्षण में भागीदारी का अवसर दिया जा रहा है।
कॉरपोरेटिव डेयरी से होगा किसानों को फायदा
अमित शाह ने कहा कि मध्यप्रदेश में सहकारिता के माध्यम से डेयरी क्षेत्र को कॉरपोरेटिव डेयरी से जोड़ा जाएगा, जिससे किसानों को सीधे लाभ मिल सके। राज्य में साढ़े 5 करोड़ लीटर दुग्ध उत्पादन होता है, लेकिन इसमें से केवल ढाई प्रतिशत दूध ही कॉरपोरेटिव डेयरी तक पहुंचता है। NDDB और एमपी फेडरेशन के बीच हुए समझौते से अब राज्य के 83 प्रतिशत गांवों तक दूध संग्रहण की सुविधा बढ़ाई जाएगी, जो अभी मात्र 17 प्रतिशत गांवों में ही उपलब्ध है। शाह ने बताया कि सरप्लस दूध को प्रोसेसिंग यूनिट्स के ज़रिए बेहतर दामों पर बेचना होगा, जिससे किसानों की आमदनी बढ़ सके। साथ ही उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके शासन में सहकारिता मर चुकी थी, लेकिन अब सुशासन के साथ यह क्षेत्र पुनर्जीवित हो रहा है। भारत सरकार मध्यप्रदेश को हर जरूरी वित्तीय सहयोग देने को तैयार है।


