मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रदेश की सड़कों को शत-प्रतिशत बसाहटों से जोड़ने के लिए तीन साल की समय-सीमा तय कर दी है। उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर इस महत्वाकांक्षी परियोजना को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिकों को सुगम आवागमन की सुविधा मिले, इसके लिए सड़कों की स्थिति का वैज्ञानिक आधार पर सर्वे किया जाए और कार्य-योजना बनाई जाए। साथ ही, विधायकों और पंचायत प्रतिनिधियों की राय को भी इस योजना में शामिल किया जाए, ताकि जमीनी जरूरतों को बेहतर तरीके से समझा जा सके।
सड़कों की मरम्मत और तकनीकी निगरानी पर जोर
सीएम मोहन यादव ने सड़कों के उन्नयन और रखरखाव को लेकर भी अहम निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अतिवृष्टि, बाढ़ और अन्य आपदाओं के कारण क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत तत्परता से की जाए। इसके अलावा, सड़कों के नियमित निरीक्षण और रखरखाव के लिए आधुनिक तकनीकों जैसे मोबाइल एप, जियो टैगिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग किया जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि यातायात के मौजूदा दबाव का सर्वे कर आवश्यकतानुसार सड़कों के लेन विस्तारीकरण और उन्नयन की योजना बनाई जाए।

प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत नई उपलब्धि
बैठक में यह भी बताया गया कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत देश की पहली सड़क मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले के परसवाड़ा क्षेत्र में पांड़ाटोला से बीजाटोला तक बनाई गई है। इस सड़क का निर्माण ग्रामीण इलाकों की कनेक्टिविटी को मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया है, जिससे लोगों को आवागमन में आसानी होगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इसी तरह की अन्य परियोजनाओं को तेजी से लागू किया जाए और प्रदेश के सभी ग्रामीण इलाकों को बेहतर सड़कों से जोड़ा जाए।
मध्यप्रदेश सड़क संधारण में देश में अव्वल
मध्यप्रदेश ने सड़क संधारण और उन्नयन के क्षेत्र में देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है और भारत सरकार से प्रोत्साहन राशि हासिल करने में भी अग्रणी रहा है। वर्ष 2015-16 से प्रदेश में लागू ई-मार्ग पोर्टल को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली, जिसके चलते केंद्र सरकार ने इसे नेशनल ई-मार्ग के रूप में पूरे देश में लागू किया। वर्तमान में प्रदेश की 89 हजार बसाहटों में से 50,658 बसाहटों तक सड़क कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जा चुकी है, जबकि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-4 के तहत 11,544 बसाहटों के लिए सर्वे पूरा कर लिया गया है। शेष 26,798 बसाहटों को जोड़ने के लिए राज्य सरकार तेजी से प्रयासरत है। इसके अलावा, सड़क संधारण कार्यों को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए सम्वेग पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन प्रक्रिया को सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे तकनीकी और प्रशासकीय स्वीकृति में पारदर्शिता बनी रहे।



