वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 के पारित होने के बाद सरकार का कहना है कि इससे वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता आएगी और कानूनी विवादों में कमी आएगी। इस संशोधन के तहत वक्फ अधिनियम, 1995 में करीब 40 बदलाव किए गए हैं, जिनका उद्देश्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाना है। सरकार का दावा है कि यह विधेयक वक्फ बोर्डों को अधिक जवाबदेह बनाएगा और संपत्तियों के दुरुपयोग को रोकने में मदद करेगा। वहीं, विपक्ष ने इस विधेयक को लेकर तीखी आपत्ति जताई और आरोप लगाया कि यह अल्पसंख्यक समुदाय के अधिकारों को सीमित करने की एक कोशिश है।
5973 सरकारी संपत्तियों पर वक्फ का दावा बना विवाद का कारण
देश में वक्फ संपत्तियों को लेकर लंबे समय से विवाद चलते आ रहे हैं। सरकार के अनुसार, सितंबर 2024 तक 25 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 5973 सरकारी संपत्तियों को वक्फ संपत्ति घोषित किया जा चुका है, जिससे कई कानूनी और प्रशासनिक चुनौतियां उत्पन्न हुई हैं। केंद्र सरकार को इस संबंध में लगातार शिकायतें मिल रही थीं, जिसके चलते यह विधेयक लाया गया। हालांकि, विपक्ष और कई सामाजिक संगठनों का मानना है कि सरकार इस विधेयक के जरिए वक्फ संपत्तियों के अधिकारों को सीमित करने की कोशिश कर रही है, जिससे आगे और विवाद बढ़ सकते हैं।

देश में वक्फ संपत्तियों का विशाल नेटवर्क और प्रभुत्व
भारत में वक्फ संपत्तियों की संख्या 8,72,324 तक पहुंच चुकी है, जो इसे किसी एक समुदाय के स्वामित्व वाली दुनिया की सबसे बड़ी अचल संपत्तियों में से एक बनाती है। इन संपत्तियों में 1,50,569 कब्रिस्तान (17%), 1,19,200 मस्जिदें (14%), 1,40,784 कृषि भूमि (16%) और 1,13,187 वाणिज्यिक प्रतिष्ठान शामिल हैं। इसके अलावा, मदरसों, आशूरखानों और अन्य उपयोगों के लिए हजारों भूखंडों को वक्फ संपत्ति घोषित किया गया है। उत्तर प्रदेश 2,32,547 संपत्तियों के साथ सूची में सबसे ऊपर है, जबकि गुजरात, तेलंगाना और केरल में इनकी संख्या अपेक्षाकृत कम है।

वक्फ संपत्तियों पर विवाद और कानूनी चुनौतियां
देश के कई हिस्सों में वक्फ संपत्तियों को लेकर विवाद बढ़ते जा रहे हैं। तमिलनाडु में एक किसान अपनी जमीन वक्फ बोर्ड के दावे के कारण बेच नहीं सका, जिससे उसकी बेटी की शादी प्रभावित हुई। बिहार के गोविंदपुर गांव में वक्फ बोर्ड के दावे ने सात परिवारों को संकट में डाल दिया, जिससे मामला पटना हाईकोर्ट तक पहुंच गया। इसी तरह, केरल के एर्नाकुलम जिले में 600 इसाई परिवार अपनी पुश्तैनी जमीन पर किए गए वक्फ दावे के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं। कर्नाटक के विजयपुरा में वक्फ बोर्ड ने 15,000 एकड़ भूमि को वक्फ संपत्ति घोषित कर दिया, जिससे किसानों का भारी विरोध हुआ।
भविष्य की दिशा: सुधार या बढ़ते टकराव?
वक्फ संपत्तियों को लेकर लगातार बढ़ते विवादों के बीच सरकार ने वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 को लोकसभा में पारित कर दिया है, जिसका उद्देश्य इन संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही लाना है। लेकिन विपक्ष और कई समुदायों का कहना है कि यह विधेयक वक्फ संपत्तियों के अधिकारों को सीमित करने का प्रयास है। बढ़ते कानूनी विवादों और विभिन्न राज्यों में हो रहे विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए यह स्पष्ट है कि आने वाले समय में यह मुद्दा और अधिक चर्चा और टकराव का कारण बन सकता है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि राज्यसभा में इस विधेयक का भविष्य क्या होगा और इसका जमीन पर क्या असर पड़ेगा।



