आगरा में समाजवादी पार्टी (सपा) के राज्यसभा सांसद रामजी लाल सुमन के घर पर बुधवार को करणी सेना के कार्यकर्ताओं द्वारा हमला किए जाने से माहौल तनावपूर्ण हो गया। सांसद के बेटे रणजीत के मुताबिक, हमलावर लाठी-डंडे और तलवारों से लैस थे, जिन्होंने घर के खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए और परिसर में खड़ी कारों में भी तोड़फोड़ की। इस घटना के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आगरा में मौजूद थे, जिससे मामला और गंभीर हो गया। पुलिस ने कई हमलावरों को हिरासत में लिया है और दावा किया है कि उनके प्रयासों से एक बड़ी घटना को टालने में मदद मिली।
करणी सेना की चेतावनी और हमले के पीछे का कारण
करणी सेना के अध्यक्ष सूरज पाल सिंह अमू ने घटना के बाद स्वीकार किया कि उनके कार्यकर्ताओं को कानून अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए था। उन्होंने बताया कि यह हमला सपा सांसद द्वारा राणा सांगा को लेकर की गई कथित विवादित टिप्पणी के विरोध में किया गया। अमू ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव और रामजी लाल सुमन से माफी की मांग भी की। घटना से पहले सोशल मीडिया पर रामजी लाल सुमन के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा था। रणजीत का आरोप है कि पुलिस को इस खतरे की जानकारी पहले से थी, लेकिन उन्होंने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
पुलिस की भूमिका और सुरक्षा के प्रयास
पुलिस के मुताबिक, उन्होंने शहर के विभिन्न हिस्सों में अवरोधक लगाकर हमलावरों को रोकने का प्रयास किया। हालांकि, कुछ लोग अपनी पहचान छिपाकर सांसद के आवास तक पहुंच गए और वहां तोड़फोड़ मचा दी। घटना के बाद सहायक पुलिस आयुक्त संजीव त्यागी ने बताया कि पुलिस की तत्परता के कारण बड़ा हादसा होने से बच गया। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर उपद्रवियों को खदेड़ा और कई लोगों को हिरासत में लिया। प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं और आगे की कार्रवाई जारी है।

रामजी लाल सुमन की टिप्पणी पर विवाद गहराया
रामजी लाल सुमन के राणा सांगा को लेकर दिए गए बयान ने विवाद को जन्म दे दिया है। सुमन के एक वीडियो में उन्हें राणा सांगा को ‘गद्दार’ बताते हुए सुना गया, जिसमें उन्होंने कहा कि सांगा ने बाबर को इब्राहिम लोदी के खिलाफ बुलाकर गद्दारी की थी। इस बयान के बाद करणी सेना प्रमुख सूरज पाल सिंह अमू ने सुमन और सपा प्रमुख अखिलेश यादव से माफी की मांग की। अमू ने यह भी कहा कि उनके कार्यकर्ताओं को कानून अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए था, लेकिन वह सांसद के घर हुई तोड़फोड़ के नुकसान की भरपाई करने के लिए तैयार हैं। करणी सेना ने अपनी नाराजगी को लोकतांत्रिक तरीके से दर्ज कराने की बात कही है।
अखिलेश यादव का बीजेपी पर पलटवार
इस पूरे विवाद के बीच समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा पर करारा हमला बोला। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी मौजूदगी के बावजूद सांसद के घर पर हमला होना दर्शाता है कि ‘जीरो टॉलरेंस’ का दावा केवल नाम का है। अखिलेश ने कहा कि अगर दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो यह मान लिया जाएगा कि हमला सरकार की अनुमति से हुआ है। उन्होंने राणा सांगा के प्रति सम्मान जताते हुए स्पष्ट किया कि सपा का उद्देश्य किसी इतिहास पुरुष का अपमान करना नहीं है। उन्होंने भाजपा पर इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश कर राजनीतिक लाभ उठाने का आरोप लगाया और जनता के असली मुद्दों पर ध्यान देने की नसीहत दी।



