मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने का निर्देश दिया है। उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिया कि प्रदेश के सभी एक्सप्रेस-वे और हाईवे के किनारे शराब की दुकानें पूरी तरह बंद होनी चाहिए। इसके अलावा, उन्होंने फूड प्लाजा की तर्ज पर एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर अस्पतालों की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए, जिससे आपात स्थिति में घायलों को तुरंत चिकित्सा सहायता मिल सके।
शिक्षा में ट्रैफिक नियमों को शामिल करने पर जोर
बैठक में मुख्यमंत्री ने सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए विद्यालयों के पाठ्यक्रम में ट्रैफिक नियमों को जोड़ने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि बचपन से ही ट्रैफिक अनुशासन सिखाने से सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है। इसके साथ ही, उन्होंने परिवहन विभाग को निर्देश दिया कि सड़क सुरक्षा से संबंधित जानकारी को व्यापक स्तर पर प्रचारित किया जाए ताकि लोग ट्रैफिक नियमों का पालन करने के प्रति अधिक सतर्क रहें।
ओवरलोडिंग और लापरवाह ड्राइविंग पर सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने डग्गामार वाहनों और ओवरलोडेड ट्रकों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए। बैठक में यह बात सामने आई कि ओवरस्पीडिंग, शराब पीकर गाड़ी चलाना, गलत साइड ड्राइविंग, रेड लाइट जम्प करना और मोबाइल फोन का इस्तेमाल सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण हैं। उन्होंने जिला और मंडल स्तर पर सड़क सुरक्षा समितियों की नियमित बैठकें आयोजित करने पर भी जोर दिया, जिससे इन समस्याओं का समय रहते समाधान निकाला जा सके।

नाबालिग बच्चों के हाथ में नहीं होगा ई-रिक्शा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़क सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए निर्देश दिया कि नाबालिग बच्चों के हाथ में ई-रिक्शा की कमान नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को इस नियम का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। साथ ही, उन्होंने यातायात नियमों को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर कम की जाएं दुर्घटनाएं
सड़क दुर्घटनाओं के बढ़ते मामलों पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेश में ब्लैक स्पॉट्स को चिन्हित करने और उन्हें दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में कुल 46,052 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 24,000 से अधिक लोगों की जान चली गई। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने को कहा, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। इसके अलावा, उन्होंने सभी प्रमुख मार्गों पर बेहतर सड़क संरचना और यातायात संकेतकों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
ट्रॉमा सेंटर और अस्पतालों की सुविधा होगी मजबूत
सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को समय पर चिकित्सा सुविधा मिल सके, इसके लिए मुख्यमंत्री ने एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर फूड प्लाजा की तरह अस्पतालों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि सभी मंडल मुख्यालयों के अस्पतालों में ट्रॉमा सेंटर, एंबुलेंस और प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित की जाए। इससे गंभीर घायलों को समय पर इलाज मिल सकेगा और मृत्यु दर को कम किया जा सकेगा।



