दमोह-सागर फोरलेन हाईवे परियोजना से क्षेत्र के लोगों को तेज, सुरक्षित और सुगम यात्रा का लाभ मिलेगा। वर्तमान में इस मार्ग को तय करने में लगभग दो घंटे का समय लगता है, लेकिन फोरलेन बनने के बाद यह सफर एक घंटे तक कम हो जाएगा। चौड़ी और आधुनिक सड़क के कारण ट्रैफिक की समस्या कम होगी, जिससे यात्रा का अनुभव पहले से अधिक आरामदायक और सुविधाजनक बनेगा।
आर्थिक और सामाजिक विकास को मिलेगा बढ़ावा
इस हाईवे परियोजना से न सिर्फ दमोह और सागर के बीच आवाजाही आसान होगी, बल्कि इससे जुड़े पारसोरिया, गढ़ाकोटा, रोन और बांसा जैसे क्षेत्रों को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। हाईवे के आसपास के इलाकों में औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ेंगी, जिससे स्थानीय लोगों के लिए नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इसके अलावा, बायपास बनने से इन शहरी क्षेत्रों में ट्रैफिक जाम की समस्या से भी राहत मिलेगी।
नवीनतम मॉडल पर होगा निर्माण
दमोह-सागर फोरलेन हाईवे का निर्माण हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) पर किया जाएगा, जिसमें परियोजना का 40% खर्च मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) द्वारा अग्रिम रूप से दिया जाएगा, जबकि शेष 60% राशि राज्य सरकार 15 वर्षों तक एन्युटी भुगतान के रूप में वहन करेगी। यह मॉडल परियोजना के लिए एक स्थायी वित्तीय ढांचा प्रदान करेगा, जिससे समय पर निर्माण पूरा होने की संभावना बढ़ेगी और हाईवे की गुणवत्ता भी सुनिश्चित होगी।

बहेरिया से मारुताल तक अपग्रेड होगी सड़क
इस हाईवे परियोजना के तहत सागर के बहेरिया से लेकर दमोह के मारुताल बायपास तक सड़क को अपग्रेड किया जाएगा। यह सड़क एसएच-63 (स्टेट हाईवे 63) का हिस्सा होगी, जिसे फोरलेन में बदला जाएगा। इससे न केवल दमोह और सागर के बीच सफर आसान होगा, बल्कि आसपास के गांवों और कस्बों को भी तेज और सुरक्षित परिवहन सुविधा मिलेगी। इससे स्थानीय व्यापार और कृषि क्षेत्रों को भी लाभ पहुंचेगा।
तेजी से होगी टेंडर प्रक्रिया और निर्माण कार्य
स्टेट लेवल इंपावर्ड कमेटी (एसएलईसी) से मंजूरी मिलने के बाद अब इस परियोजना को कैबिनेट की स्वीकृति का इंतजार है। मुख्यमंत्री की सहमति के संकेत पहले ही मिल चुके हैं, जिससे यह उम्मीद की जा रही है कि कैबिनेट से हरी झंडी मिलते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। टेंडर प्रक्रिया को चार महीनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि साल के अंत तक निर्माण कार्य आरंभ किया जा सके।
विकास को मिलेगी रफ्तार, क्षेत्र को होंगे बड़े लाभ
इस हाईवे के बनने से दमोह और सागर के बीच यात्रा का समय कम हो जाएगा, जिससे यात्रियों को राहत मिलेगी। चौड़ी और बेहतर सड़क बनने से सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी और सफर अधिक सुरक्षित होगा। इसके अलावा, हाईवे से जुड़े गांवों और कस्बों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे क्षेत्र का समग्र विकास संभव होगा। बेहतर परिवहन सुविधाएं उपलब्ध होने से ट्रैफिक की समस्या दूर होगी और लोगों को आवागमन में अधिक सहूलियत मिलेगी।



