मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बालाघाट में महिलाओं के लिए बड़ी घोषणा करते हुए स्पष्ट किया कि कोई भी योजना बंद नहीं होगी। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में जो योजनाएं शुरू हुई हैं, वे निरंतर जारी रहेंगी और लाड़ली बहनों को हर संभव आर्थिक सहायता दी जाएगी। सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है और उनकी आर्थिक स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए नए कदम उठा रही है।
रोजगार और आत्मनिर्भरता पर विशेष जोर
सीएम ने कहा कि केवल भत्ता देना ही सरकार का लक्ष्य नहीं है, बल्कि महिलाओं को रोजगार के अवसर भी प्रदान किए जाएंगे। वर्तमान में 1250 रुपये दिए जा रहे हैं, लेकिन इसके साथ ही उनके लिए रोजगार के साधन भी उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। प्रदेश में नए उद्योग स्थापित किए जा रहे हैं, जहां महिलाएं घर के काम के साथ-साथ कुछ घंटे काम करके अतिरिक्त आय अर्जित कर सकेंगी।
विकास कार्यों में महिलाओं की भागीदारी
मुख्यमंत्री ने 264 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के लोकार्पण और 61 करोड़ रुपये के नए निर्माण कार्यों के भूमिपूजन के दौरान यह संदेश दिया कि महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले चार वर्षों में सरकार अपने वादों को पूरा करेगी और धीरे-धीरे योजनाओं के तहत मिलने वाली आर्थिक मदद को और मजबूत बनाया जाएगा, जिससे प्रदेश की महिलाएं सशक्त और आत्मनिर्भर बन सकेंगी।

किसानों को मिलेगा 2600 रुपए प्रति क्विंटल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों के लिए बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि अब गेहूं उपार्जन के लिए 2600 रुपए प्रति क्विंटल दिए जाएंगे। यह कदम किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा निर्णय है। इसके साथ ही उन्होंने सभा में उपस्थित जनता को मुट्ठी बांधकर संकल्प दिलाया कि सभी मिलकर मध्यप्रदेश को देश का नंबर वन राज्य बनाएंगे। सरकार प्रदेश के विकास और कृषि क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए लगातार काम कर रही है, जिससे किसानों को समृद्धि और खुशहाली मिले।



