प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी की मुलाकात ने भारत-कतर द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। इस यात्रा के दौरान दोनों देशों ने व्यापार, निवेश, ऊर्जा और सांस्कृतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए। कतर ने भारत में 10 बिलियन डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जताई, जिससे इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा।
व्यापार और निवेश को मिलेगा नया आयाम
भारत और कतर ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। संभावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर बातचीत को आगे बढ़ाने के साथ-साथ कतर निवेश प्राधिकरण (QIA) भारत में अपना ऑफिस खोलेगा, जिससे व्यापारिक रिश्तों को और मजबूती मिलेगी। इसके अलावा, कतर के नेशनल बैंक (QNB) के सेल पॉइंट पर भारत के UPI सिस्टम को भी शुरू किया जाएगा, जिससे दोनों देशों के डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम को नई दिशा मिलेगी।

ऊर्जा क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी
भारत की ऊर्जा सुरक्षा में कतर की अहम भूमिका है। कतर भारत का सबसे बड़ा LNG सप्लायर है, जो कुल LNG आयात का 48% आपूर्ति करता है। इस दौरे के दौरान दोनों देशों ने LNG और LPG आपूर्ति को और सुचारू बनाने पर सहमति जताई। भारत और कतर ने ऊर्जा सहयोग को बढ़ाते हुए दीर्घकालिक गैस आपूर्ति समझौतों को मजबूत करने और नए ऊर्जा क्षेत्रों में साझेदारी के अवसर तलाशने पर भी जोर दिया।
भारतीय प्रवासियों के लिए खुशखबरी
कतर में 8.35 लाख से अधिक भारतीय काम कर रहे हैं, जो वहां की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। इस यात्रा के दौरान भारतीय प्रवासियों की वीज़ा सुविधाओं को आसान बनाने के लिए भारत ने कतर के नागरिकों के लिए e-Visa सुविधा का विस्तार करने का फैसला लिया। इससे दोनों देशों के नागरिकों को यात्रा और व्यवसाय में अधिक सहूलियत मिलेगी।
खाद्य सुरक्षा और कृषि व्यापार में नई पहल
कतर अपनी खाद्य जरूरतों का 90% आयात करता है, जिसमें भारत एक प्रमुख भागीदार है। इस दौरे के बाद भारत से चावल, गेहूं, फल और डेयरी उत्पादों के निर्यात में वृद्धि होने की संभावना है। भारत और कतर ने खाद्य सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स को मजबूत करने के लिए मिलकर काम करने की योजना बनाई है, जिससे कृषि व्यापार में नए अवसर खुलेंगे।

सांस्कृतिक और कूटनीतिक संबंधों में नया अध्याय
भारत और कतर के बीच सांस्कृतिक और मैत्री संबंधों को बढ़ावा देने के लिए दोनों देशों ने आगामी वर्षों में “संस्कृति और खेल वर्ष” मनाने का निर्णय लिया है। इस पहल के तहत दोनों देशों में सांस्कृतिक आदान-प्रदान, खेल प्रतियोगिताएं और पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही, कतर ने भारत को पश्चिम एशिया में अपनी कूटनीतिक नीति के एक महत्वपूर्ण भागीदार के रूप में स्वीकार किया है, जिससे क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर दोनों देशों का सहयोग और गहरा होगा।
भारत-कतर सहयोग का सुनहरा भविष्य
अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी की इस ऐतिहासिक यात्रा ने भारत और कतर के बीच संबंधों को एक नई दिशा दी है। व्यापार, निवेश, ऊर्जा और सांस्कृतिक साझेदारी के क्षेत्र में हुए समझौतों से दोनों देशों को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा। यह यात्रा भारत-कतर रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करेगी और दोनों देशों के बीच सहयोग के नए द्वार खोलेगी।



