महाकुंभ 2025 के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक महत्वपूर्ण अपील की कि हर व्यक्ति एक पेड़ अपनी मां के नाम और एक पेड़ अपनी आस्था के नाम अवश्य लगाए। उन्होंने कहा कि यह पहल न सिर्फ धरती को हरा-भरा बनाएगी, बल्कि हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ और सुंदर पर्यावरण की नींव रखेगी। सीएम योगी ने महाकुंभ को आस्था के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक बताते हुए लोगों से अधिक से अधिक पेड़ लगाने की अपील की।
जलवायु परिवर्तन पर चिंता और समाधान की पहल
प्रयागराज में आयोजित जलवायु सम्मेलन का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जलवायु परिवर्तन के गंभीर प्रभावों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हमें प्रलय का इंतजार नहीं करना चाहिए, बल्कि अभी से धरती को हरा-भरा बनाने के प्रयास शुरू करने होंगे। सीएम योगी ने कुम्भ को केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन पर विचार का अवसर बताया।
नदियों का संरक्षण: जीवन और पर्यावरण की रक्षा
सीएम योगी ने नदियों की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि नदियां धरती की धमनियां हैं। यदि ये सूख जाएं या प्रदूषित हो जाएं, तो पूरी धरती बीमार हो जाएगी। उन्होंने जलस्रोतों के संरक्षण के महत्व को रेखांकित किया और कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने पिछले 8 वर्षों में 210 करोड़ से अधिक पौधे लगाकर पर्यावरण संतुलन बनाए रखने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।

स्वच्छ ऊर्जा और हरित परिवहन की ओर कदम
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सरकार द्वारा किए गए प्रयासों पर बात करते हुए सीएम योगी ने बताया कि डीजल से चलने वाली बसों की जगह इलेक्ट्रिक बसों को प्राथमिकता दी जा रही है। यह कदम वायु प्रदूषण को कम करने और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है। उन्होंने कहा कि हर छोटे प्रयास से मिलकर एक बड़ा बदलाव आता है, और यही समय है जब हम सभी पर्यावरण के लिए अपनी जिम्मेदारी समझें और एक हरित भविष्य की ओर कदम बढ़ाएं।
मर चुकी नदियों का पुनर्जन्म: संगम में निरंतर जल प्रवाह
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ 2025 में प्रदेश की सूखी नदियों को पुनर्जीवित करने के प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि संगम क्षेत्र का विस्तार कर नदियों को चैनलाइज किया गया है, जिससे संगम में हर समय 10,000 से 11,000 क्यूसेक जल प्रवाहित हो रहा है। इसका परिणाम यह हुआ कि श्रद्धालु अब किसी भी समय संगम में पवित्र स्नान कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले जितनी भीड़ मौनी अमावस्या के दिन होती थी, अब उतनी ही भीड़ प्रतिदिन संगम में स्नान कर रही है।
श्रद्धालुओं से अपील: ट्रैफिक नियमों का पालन करें
सीएम योगी ने महाकुंभ में ट्रैफिक जाम की समस्या पर चिंता व्यक्त की और श्रद्धालुओं से अपील की कि वे अपने वाहन निर्धारित पार्किंग स्थलों में ही खड़े करें। उन्होंने कहा कि पार्किंग स्थल खाली रहते हैं, जबकि लोग सड़क पर गाड़ियां खड़ी कर देते हैं, जिससे जाम की स्थिति बनती है। सीएम ने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि यदि 100 मीटर अतिरिक्त पैदल चलना पड़े तो भी कोई परेशानी नहीं उठानी चाहिए, क्योंकि यह पूरे कुंभ क्षेत्र में ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में मदद करेगा।
पर्यावरण संरक्षण में जनभागीदारी की आवश्यकता
सीएम योगी ने जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संरक्षण में आम जनता की भागीदारी पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी ओर से कदम उठा रही है, लेकिन लोगों को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने लोगों से प्लास्टिक का उपयोग कम करने, नदियों को स्वच्छ रखने और वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता रखने का आग्रह किया। साथ ही उन्होंने अपनी विशेष पहल दोहराई कि हर व्यक्ति एक पेड़ मां के नाम और एक पेड़ आस्था के नाम जरूर लगाए। सीएम योगी ने दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ में श्रद्धालुओं की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की।



