महाकुंभ के पंचम स्नान पर्व ‘माघ पूर्णिमा’ को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए ट्रैफिक और क्राउड मैनेजमेंट प्लान को सख्ती से लागू किया जाए। प्रयागराज के सभी रेलवे स्टेशनों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री ने एक-एक श्रद्धालु को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचाने की जिम्मेदारी तय की है। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों के साथ बैठक कर महाकुंभ की व्यवस्थाओं की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
स्मार्ट पार्किंग और सार्वजनिक परिवहन पर जोर
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि प्रयागराज की सीमा पर बने पार्किंग स्थलों का प्रभावी संचालन किया जाए, ताकि ट्रैफिक जाम की समस्या न हो। 5 लाख से अधिक वाहनों के पार्किंग की व्यवस्था पहले से की जा चुकी है, जिसका अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए। निजी वाहनों को मेला क्षेत्र में प्रवेश से रोकने के लिए सख्त निगरानी की जाए और जरूरत के अनुसार शटल बसों की संख्या बढ़ाई जाए। इसके साथ ही, लोगों को पार्किंग व्यवस्था का पालन करने के लिए जागरूक किया जाए और श्रद्धालुओं के साथ पुलिस व प्रशासन का व्यवहार सहयोगपूर्ण बना रहे।
भीड़ नियंत्रण और ट्रैफिक प्रबंधन को प्राथमिकता
सीएम योगी ने निर्देश दिया कि सड़कों पर वाहनों की कतार न लगे और कहीं भी ट्रैफिक जाम की स्थिति उत्पन्न न हो। प्रयागराज से सटे जिलों के जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे लगातार प्रयागराज प्रशासन से संपर्क में रहें और समन्वय बनाकर वाहनों का मूवमेंट सुनिश्चित करें। जरूरत पड़ने पर मेला क्षेत्र में बैरिकेडिंग की जाए ताकि भीड़ का दबाव न बढ़े। उन्होंने यह भी कहा कि टोल प्लाजा पर जाम न लगने पाए, जिससे श्रद्धालुओं की यात्रा सुगम बनी रहे।

श्रद्धालुओं की सुरक्षित वापसी के लिए बसों और ट्रेनों की संख्या बढ़ाने का निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ में स्नान कर लौट रहे श्रद्धालुओं की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे और परिवहन विभाग को विशेष निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रयागराज के सभी रेलवे स्टेशनों पर श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए ट्रेनों का संचालन लगातार बनाए रखा जाए। इसके लिए रेलवे से संपर्क-समन्वय किया जाए, ताकि यात्रियों को असुविधा न हो। साथ ही, परिवहन निगम को अतिरिक्त बसें लगाने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे सड़क मार्ग से यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को भी आसानी हो।
स्वच्छता और जल उपलब्धता बनी रहे
प्रयागराज महाकुंभ की स्वच्छता इसकी पहचान है, इसे हर हाल में बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि संगम स्नान के दौरान श्रद्धालु गंगा में पुष्प-माला आदि अर्पित करते हैं, जिससे सफाई का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है। सफाई व्यवस्था के लिए आधुनिक मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं, जिनका उपयोग निरंतर किया जाए। इसके अलावा, गंगा और यमुना में जल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
यातायात नियंत्रण और स्थानीय व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि महाकुंभ क्षेत्र में कहीं भी भीड़ का दबाव न बनने पाए और यातायात लगातार सुचारू बना रहे। यदि स्ट्रीट वेंडर आदि रास्तों में बाधा उत्पन्न कर रहे हों तो उन्हें उचित स्थानों पर व्यवस्थित किया जाए। प्रयागराज से जुड़ने वाले सभी मार्गों पर पुलिस पेट्रोलिंग जारी रहे, और क्रेन, एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाएं हर समय उपलब्ध रहें। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि प्रयागराज के स्थानीय नागरिकों की दैनंदिनी जीवनचर्या बाधित न हो और आवश्यक वस्तुओं की कोई कमी न होने पाए।



