मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की संयुक्त ताप्ती बेसिन मेगा रीचार्ज योजना देश की सबसे बड़ी ग्राउंड वाटर रीचार्ज परियोजना बनने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस परियोजना के क्रियान्वयन को लेकर मंत्रालय में एक उच्च स्तरीय बैठक की, जिसमें अधिकारियों को तेजी से कार्यान्वयन के निर्देश दिए गए। यह योजना कृषि भूमि की सिंचाई क्षमता को बढ़ाने और जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम होगी।
मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के किसानों को मिलेगा सीधा लाभ
इस परियोजना के तहत मध्य प्रदेश के 1,23,082 हेक्टेयर और महाराष्ट्र के 2,34,706 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी। इससे बुरहानपुर और खंडवा जिलों की तहसीलें—बुरहानपुर, नेपानगर, खकनार और खालवा—लाभान्वित होंगी। ताप्ती नदी की जलधाराओं को नए तरीके से व्यवस्थित कर जल उपयोग को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा, जिससे जल संकट से प्रभावित क्षेत्रों को राहत मिलेगी।
जल शक्ति मंत्रालय की भूमिका और राष्ट्रीय जल परियोजना की मांग
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस परियोजना को राष्ट्रीय जल परियोजना का दर्जा दिलाने के लिए केंद्र सरकार से चर्चा करने की बात कही है। इसके तहत 31.13 टीएमसी जल का उपयोग किया जाएगा, जिसमें से 11.76 टीएमसी मध्य प्रदेश और 19.36 टीएमसी महाराष्ट्र को मिलेगा। केंद्र सरकार और महाराष्ट्र सरकार के साथ करार कर इस परियोजना को जल्द से जल्द लागू करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

नदी जल का समुचित उपयोग और पर्यावरण संरक्षण
इस परियोजना का उद्देश्य केवल सिंचाई सुविधा बढ़ाना ही नहीं, बल्कि भूजल स्तर को बनाए रखना और जल संसाधनों का सतत उपयोग सुनिश्चित करना भी है। नए बांध और नहरों के निर्माण से जल संचयन की बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे जल संकट से जूझ रहे क्षेत्रों को दीर्घकालिक राहत मिलेगी। यह योजना पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के साथ-साथ कृषि उत्पादन में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी।
ताप्ती बेसिन मेगा रीचार्ज: जल संसाधन प्रबंधन की नई दिशा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ताप्ती बेसिन मेगा रीचार्ज और कन्हान उप कछार परियोजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन पर जोर दिया। मंत्रालय में हुई उच्चस्तरीय बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि महाराष्ट्र सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर परियोजनाओं को जल्द पूरा किया जाए। इस योजना के तहत ताप्ती नदी की तीन धाराएं विकसित कर जल संरक्षण को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे कृषि भूमि की सिंचाई क्षमता में बढ़ोतरी होगी। बैठक में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, विधायक अर्चना चिटनीस और वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति रही।
राष्ट्रीय जल परियोजना घोषित करने की पहल
मुख्यमंत्री यादव ने ताप्ती बेसिन मेगा रीचार्ज योजना को राष्ट्रीय जल परियोजना घोषित कराने के लिए केंद्र सरकार से चर्चा करने की बात कही। इस योजना के तहत 31.13 टीएमसी जल का उपयोग किया जाएगा, जिसमें से 11.76 टीएमसी मध्यप्रदेश और 19.36 टीएमसी महाराष्ट्र को मिलेगा। खास बात यह है कि इस परियोजना से कोई गांव प्रभावित नहीं होगा, इसलिए पुनर्वास की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत नए बांध और नहरों का निर्माण कर सिंचाई क्षमता को मजबूत किया जाएगा, जिससे मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र दोनों राज्यों को लाभ मिलेगा।



