सोनिया गांधी द्वारा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को लेकर दिए गए बयान पर राजनीतिक विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। भाजपा सांसदों ने इसे राष्ट्रपति पद की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला बताया है और राज्यसभा सभापति को विशेषाधिकार हनन का नोटिस सौंपा है। नोटिस में कहा गया है कि सोनिया गांधी की टिप्पणी न केवल असंसदीय है, बल्कि यह देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद का अपमान भी है। भाजपा नेताओं का कहना है कि ऐसे बयान लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ हैं और इस पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए।
संसद में गरिमा और परंपराओं पर उठे सवाल
भाजपा सांसदों ने सोनिया गांधी के बयान को संसद की परंपराओं और संवैधानिक मूल्यों के विरुद्ध बताया है। उनका तर्क है कि संसद में दिए जाने वाले बयानों में गरिमा और सम्मान बना रहना चाहिए, खासकर जब बात राष्ट्रपति जैसे सर्वोच्च पद की हो। सोनिया गांधी के बयान को लेकर राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई है, जहां कांग्रेस इसे अनावश्यक विवाद बता रही है, वहीं भाजपा इसे गंभीर मामला मान रही है। अब देखना यह होगा कि इस विवाद पर संसद और राज्यसभा सभापति क्या रुख अपनाते हैं।
सोनिया-राहुल के बयान पर कानूनी शिकंजा
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को लेकर दिए गए बयान का विवाद अब कानूनी मोड़ ले चुका है। झारखंड की राजधानी रांची में जनजाति सुरक्षा मंच की प्रमुख अंजली लकड़ा ने अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति थाने में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। अंजली लकड़ा का आरोप है कि कांग्रेस नेताओं द्वारा इस्तेमाल किए गए शब्द न केवल राष्ट्रपति पद की गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं, बल्कि पूरे आदिवासी समुदाय का भी अपमान करते हैं। उन्होंने मांग की है कि इस मामले में एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

राजनीतिक गलियारों में तेज हुई बहस
इस मामले के तूल पकड़ने के बाद भाजपा कांग्रेस पर हमलावर हो गई है और इसे आदिवासी विरोधी मानसिकता करार दिया है। वहीं, कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि भाजपा बेवजह राजनीतिक मुद्दा बना रही है। इस विवाद ने संसद से लेकर सड़कों तक बहस छेड़ दी है और अब कानूनी कार्रवाई की मांग के चलते मामला और गंभीर हो गया है। अब देखना होगा कि इस शिकायत पर पुलिस और न्यायपालिका क्या कदम उठाती है और यह मामला आगे किस दिशा में जाता है।
सोनिया गांधी के बयान पर संसद में हंगामा
संसद में भारतीय जनता पार्टी के सांसदों ने सोनिया गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस पेश किया है। भाजपा नेताओं का आरोप है कि सोनिया गांधी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया, जिससे देश के सर्वोच्च पद की गरिमा को ठेस पहुंची है। इसके अलावा, निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के खिलाफ भी लोकसभा अध्यक्ष को इसी तरह का नोटिस सौंपा गया है।
राजनीतिक माहौल हुआ गरम
सोनिया गांधी की टिप्पणी पर विवाद गहराता जा रहा है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कांग्रेस पर निशाना साधा। राष्ट्रपति भवन ने भी इस टिप्पणी को गरिमा के विरुद्ध बताया है। वहीं, राहुल गांधी के “उबाऊ” वाले बयान ने भी इस बहस को और तेज कर दिया है। भाजपा ने कांग्रेस पर राष्ट्रपति के पद का अपमान करने का आरोप लगाया, जिससे संसद में सियासी गर्मी बढ़ गई है।



