छत्तीसगढ़ में हुए कोयला घोटाले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है। इस घोटाले में शामिल प्रमुख आरोपी सूर्यकांत तिवारी समेत 11 लोगों की 49.73 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर ली गई है। इससे पहले भी ईडी ने 270 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की थी। ईडी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर जानकारी दी कि अब तक 100 से अधिक चल-अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त किया गया है।
गिरफ्तारियों और कुर्की की विस्तृत जानकारी
ईडी की रिपोर्ट के अनुसार, कोयला घोटाले में गिरफ्तार किए गए 11 आरोपियों में कई प्रभावशाली नाम शामिल हैं। इनमें निलंबित आईएएस अधिकारी रानू साहू, समीर बिश्नोई, राज्य प्रशासनिक सेवा की अधिकारी सौम्या चौरसिया, तत्कालीन मुख्यमंत्री के ओएसडी जय प्रकाश मौर्य, कांग्रेस नेता राम गोपाल अग्रवाल, राम प्रताप सिंह, विनोद तिवारी, पूर्व विधायक चंद्र देव प्रसाद राय और भिलाई विधायक देवेंद्र यादव जैसे बड़े नाम शामिल हैं। इन सभी की संपत्तियां जब्त कर ली गई हैं और इनके खिलाफ जांच जारी है।
रिश्वत और चुनावी खर्चों में हुआ अवैध धन का उपयोग
प्रवर्तन निदेशालय ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि इस अवैध धन का उपयोग सरकारी अधिकारियों और राजनेताओं को रिश्वत देने में किया गया। इसके अलावा, यह धनराशि चुनावी खर्चों में भी इस्तेमाल की गई थी। जांच में यह भी सामने आया है कि इस घोटाले से अर्जित काले धन का एक बड़ा हिस्सा विभिन्न संपत्तियों और महंगे सामानों के अधिग्रहण के लिए इस्तेमाल किया गया था।

विशेष न्यायालय में 26 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज
ईडी ने विशेष न्यायालय में 26 आरोपियों के खिलाफ तीन अभियोजन शिकायतें दायर की हैं। जांच एजेंसी ने इस मामले में व्यापक साक्ष्य जुटाए हैं और आगे भी कई अन्य संपत्तियों को कुर्क किए जाने की संभावना जताई है। इस घोटाले में कई अन्य प्रभावशाली व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आ सकती है, जिस पर ईडी की कड़ी नजर बनी हुई है।
कोयला घोटाले में करोड़ों की अवैध वसूली का खुलासा
ईडी की जांच में सामने आया है कि छत्तीसगढ़ में जुलाई 2020 से जून 2022 के बीच कोयला परिवहन पर अवैध रूप से 25 रुपये प्रति टन की वसूली की गई। इस दौरान करीब 540 करोड़ रुपये की अवैध कमाई हुई, जिसका उपयोग सरकारी अधिकारियों और नेताओं को रिश्वत देने, चुनावी खर्चों को पूरा करने और संपत्तियों के अधिग्रहण में किया गया। इस घोटाले में निजी व्यक्तियों के साथ-साथ बड़े राजनेताओं और वरिष्ठ अधिकारियों की संलिप्तता भी उजागर हुई है, जिससे मामला और गंभीर हो गया है।
अब तक की जांच और ईडी की सख्त कार्रवाई
इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 11 लोगों को गिरफ्तार किया है और 26 आरोपियों के खिलाफ विशेष अदालत (PMLA) में मुकदमा दायर किया गया है। अब तक ईडी ने 270 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां जब्त की हैं, जिनमें आईएएस अधिकारी रानू साहू, समीर बिश्नोई, जय प्रकाश मौर्य, सौम्या चौरसिया और कई राजनीतिक हस्तियों की संपत्तियां शामिल हैं। जांच एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि इस अवैध धन का उपयोग राजनीतिक प्रभाव बढ़ाने और अवैध संपत्तियों के अधिग्रहण के लिए किया गया था। आगे भी कई और संपत्तियों की कुर्की और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।



