भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक के उत्तर प्रदेश आगमन पर अमौसी स्थित चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं उनकी अगवानी की और उन्हें उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराया। इस अवसर पर प्रदेश के लोक कलाकारों ने मनमोहक प्रस्तुतियां दीं, जिनकी भूटान नरेश ने भरपूर प्रशंसा की। अनुवादकों की सहायता से दोनों नेताओंके बीच गर्मजोशी भरी चर्चा हुई, जिसमें सांस्कृतिक आदान-प्रदान और आपसी संबंधों को मजबूत करने पर बात हुई।
राजभवन में मुलाकात और प्रयागराज यात्रा
एयरपोर्ट से भूटान नरेश होटल ताज के लिए रवाना हुए, जहां से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उन्हें राजभवन लेकर जाएंगे। वहां उनकी भेंट राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से होगी, जिसके बाद वे मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास पर विशेष वार्ता करेंगे। 4 फरवरी को भूटान नरेश प्रयागराज जाएंगे, जहां वे त्रिवेणी संगम में स्नान कर महाकुंभ के पवित्र स्थलों का दर्शन करेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उन्हें कुंभ मेले की महत्ता और उसकी ऐतिहासिक परंपराओं से अवगत कराएंगे।
भूटान नरेश का लखनऊ आगमन और भव्य स्वागत
भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक सोमवार को लखनऊ पहुंचे, जहां चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। मुख्यमंत्री योगी ने भूटान नरेश को पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया। इस मौके पर उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक झलक दिखाने के लिए पारंपरिक लोक संगीत और नृत्य की प्रस्तुतियां भी दी गईं, जिनकी भूटान नरेश ने प्रशंसा की।
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द्विपक्षीय संबंधों पर होगी विशेष चर्चा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भूटान नरेश के बीच कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। इस वार्ता में दोनों देशों के सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही, भारत-भूटान के बीच ऐतिहासिक मित्रता और सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इस यात्रा के दौरान भूटान नरेश प्रयागराज भी जाएंगे, जहां वे कुंभ मेले की भव्यता को देखेंगे और त्रिवेणी संगम में स्नान करेंगे।
राजभवन में भूटान नरेश के सम्मान में भव्य आयोजन
ताज होटल में स्वागत के बाद भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक ने राजभवन में आयोजित रात्रि भोज में भाग लिया, जहां राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर भूटान नरेश ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। राजभवन में आयोजित बैठक में भारत और भूटान के ऐतिहासिक संबंधों पर विस्तृत चर्चा हुई, जिसमें सांस्कृतिक और आर्थिक सहयोग को और सशक्त बनाने पर विचार किया गया। यह भेंट दोनों देशों के मैत्रीपूर्ण संबंधों को और गहराई देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।


