भोपाल के नव निर्मित डॉ. भीमराव अंबेडकर फ्लाईओवर में खामियां मिलने पर लोक निर्माण विभाग ने कड़ा एक्शन लिया है। सेतु संभाग के उपयंत्री उमांकांत मिश्रा और प्रभारी सहायक यंत्री रवि शुक्ला को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। ये दोनों अधिकारी इस परियोजना के प्रभारी थे और तकनीकी निरीक्षण में लापरवाही सामने आई है। निलंबन की कार्रवाई के साथ ही विभाग ने निर्माण कंपनी पर भी जुर्मानालगाया है और अन्य दोषियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
निरीक्षण में उजागर हुईं निर्माण की खामियां
लोक निर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई के नेतृत्व में फ्लाईओवर का गहन निरीक्षण किया गया। इस दौरान यातायात सुविधा, सुरक्षा मानकों और निर्माण की गुणवत्ता की जांच की गई। निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि एलिवेटेड कॉरिडोर के दोनों ओर क्रैश बैरियर और मुख्य केरिज-वे के बीच की 18 इंच चौड़ी पटरी की गुणवत्ता अपेक्षित स्तर की नहीं है। मुख्य स्लैब और पटरी के जोड़ में कमजोरी के कारण कई स्थानों पर क्षरण के चिन्ह देखे गए, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं।
राइडिंग सरफेस और फिनिशिंग में कमी
तकनीकी निरीक्षण में पाया गया कि फ्लाईओवर की संरचनात्मक मजबूती और डिजाइन में कोई बड़ी कमी नहीं है, लेकिन राइडिंग सरफेस (सड़क की सतह) की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं पाई गई। विशेष रूप से एक्सपेंशन जॉइंट्स के पास अधिक क्षरण देखा गया, जो सड़क की दीर्घकालिक मजबूती के लिए खतरा पैदा कर सकता है। इसके अलावा, किनारों की 18 इंच चौड़ी पटरी को मैन्युअल रूप से भरा गया था, जिससे उसकी गुणवत्ता प्रभावित हुई।

मंत्री की चेतावनी, निर्माण कंपनी पर कार्रवाई
फ्लाईओवर में मिली खामियों को देखते हुए मंत्री ने कड़ी चेतावनी दी है कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कंपनी पर उचित कार्रवाई की जाए और जो भी कमियां हैं, उन्हें तुरंत ठीक किया जाए। इस मामले में निर्माण कंपनी पर आर्थिक दंड लगाया गया है और सुधार कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि गुणवत्ता से समझौता करने वाले किसी भी अधिकारी या ठेकेदार को बख्शा नहीं जाएगा।
निर्माण में लापरवाही पर अधिकारियों को नोटिस
लोक निर्माण विभाग ने सेतु संभाग भोपाल के कार्यपालन यंत्री जावेद शकील और सीई ब्रिज को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने निर्माणकर्ता कंपनी और अनुबंधकर्ता के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। इसके तहत निर्माण कंपनी पर अनुबंधानुसार आर्थिक दंड लगाया गया है और सभी सुधारात्मक कार्य अपने खर्चे पर कराने का आदेश दिया गया है।
मंत्री ने दी सख्त चेतावनी
निरीक्षण के दौरान भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के क्षेत्रीय अधिकारी श्रवण कुमार सिंह ने तकनीकी सुधार के लिए सुझाव दिए। उन्होंने ब्रिज के डिजाइन गैप्स में सीलेंट लगाने और राइडिंग सरफेस की गुणवत्ता सुधारने के निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग के मंत्री राकेश सिंह ने इस मामले की समीक्षा करते हुए स्पष्ट किया कि निर्माण की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोबारा हुई तो जिम्मेदार अधिकारियों और निर्माण कंपनियों के खिलाफ और सख्त कार्रवाई की जाएगी।



