विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने अपने दो दिवसीय बीजिंग दौरे के दौरान चीन के विदेश मंत्री वांग ई और उप विदेश मंत्री के साथ महत्वपूर्ण बैठकें कीं। इन बैठकों में भारत-चीन के द्विपक्षीय संबंधों की व्यापक समीक्षा की गई और भविष्य में इन्हें बेहतर करने के लिए आवश्यक कदम उठाने पर सहमति बनी। विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी कि यह बैठक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच हुई पिछली वार्ता के अनुरूप थी, जहां संबंधों को स्थिर और बहाल करने पर जोर दिया गया था।

कैलाश मानसरोवर यात्रा की पुनः शुरुआत
बैठक में दोनों पक्ष कैलाश मानसरोवर यात्रा को फिर से शुरू करने पर सहमत हुए। यह यात्रा गर्मियों में शुरू की जाएगी और इसके लिए जरूरी व्यवस्थाओं और मौजूदा समझौतों पर चर्चा की जाएगी। कैलाश मानसरोवर यात्रा भारत और चीन के सांस्कृतिक और धार्मिक संबंधों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इस कदम से न केवल तीर्थयात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास भी मजबूत होगा।
जलवायु और सीमा पार नदियों पर सहयोग
विदेश सचिव और चीनी प्रतिनिधियों के बीच जलवायु आंकड़ों के आदान-प्रदान और सीमा पार नदियों पर सहयोग के लिए विशेषज्ञ स्तर की बैठक आयोजित करने पर सहमति बनी। दोनों देशों ने सीमा पार जल संसाधनों के प्रबंधन और साझा सहयोग को प्राथमिकता देने की बात कही। इन कदमों का उद्देश्य न केवल पर्यावरणीय मुद्दों का समाधान करना है, बल्कि भारत-चीन संबंधों में आपसी सहयोग और स्थिरता को भी बढ़ावा देना है।

2020: तनाव और यात्रा सेवाओं पर असर
भारत और चीन के बीच 2020 से रिश्ते तनावपूर्ण बने हुए थे। पूर्वी लद्दाख में जून 2020 में हुए सैन्य संघर्ष ने दोनों देशों के बीच विश्वास को गहरा नुकसान पहुंचाया। इस घटना के बाद भारत ने चीनी मोबाइल एप्स पर प्रतिबंध लगा दिया और चीनी कंपनियों के निवेश पर कड़ी निगरानी शुरू की। सीमा विवाद और कोविड-19 महामारी के कारण दोनों देशों के बीच यात्री विमान सेवाएं और कैलाश मानसरोवर यात्रा बंद कर दी गईं। हालांकि, मालवाहक विमानों की सेवाएं जारी रहीं। यह तनावपूर्ण दौर भारत-चीन के संबंधों के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हुआ, जिसका असर दोनों देशों के कूटनीतिक और आर्थिक संबंधों पर भी पड़ा।
75वीं वर्षगांठ : संबंध सुधार की नई पहल
इस वर्ष भारत और चीन अपने कूटनीतिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। इस विशेष अवसर पर दोनों देशों ने कूटनीतिक प्रयासों को मजबूत करने और आपसी विश्वास और समझ बढ़ाने का संकल्प लिया है। इस सिलसिले में सांस्कृतिक और अन्य कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जो दोनों देशों के बीच संबंधों को प्रगाढ़ बनाने में सहायक होंगे।



