आज भारत 76वां गणतंत्र दिवस मना रहा है, और इस ऐतिहासिक अवसर पर कर्तव्य पथ पर राजकीय समारोह का आयोजन किया जा रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इस विशेष आयोजन में भाग लेंगी, जहां देश की सांस्कृतिक विविधता और सैन्य ताकत का भव्य प्रदर्शन किया जाएगा। इस वर्ष समारोह में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबिआंतो मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हैं, जो भारत की बढ़ती वैश्विक मित्रता और संबंधों का प्रतीक है।
फ्लाई-पास्ट रहेगा मुख्य आकर्षण
इस बार के समारोह का मुख्य आकर्षण भारतीय वायुसेना का ‘फ्लाई-पास्ट’ होगा, जिसमें अत्याधुनिक विमानों का शानदार प्रदर्शन किया जाएगा। वायुसेना के विमानों द्वारा हवा में बनाए गए अद्भुत दृश्य भारत की सैन्य ताकत और तकनीकी उन्नति का प्रतीक होंगे। यह फ्लाई-पास्ट देशवासियों के लिए गर्व का क्षण होगा और यह दर्शाएगा कि भारत अपनी सुरक्षा और समृद्धि के प्रति कितना प्रतिबद्ध है।

संस्कृति और सैन्य ताकत का संगम
गणतंत्र दिवस के इस विशेष आयोजन में भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और एडवांस मिलिट्री क्षमताओं का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। झांकियों में देश के विभिन्न राज्यों की संस्कृति, परंपराएं और उपलब्धियां प्रदर्शित की जाएंगी। साथ ही, सैन्य परेड में भारत की ताकत और सुरक्षा का प्रदर्शन किया जाएगा। यह दिन न केवल देश की प्रगति को दर्शाता है बल्कि सभी भारतीयों के भीतर गर्व और देशभक्ति की भावना को और भी मजबूत करता है।
सशक्त और समृद्ध भारत के लिए संकल्प
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए अपने संदेश में कहा कि यह दिन न केवल हमारी स्वतंत्रता और लोकतंत्र का प्रतीक है, बल्कि यह हमारे साझा उद्देश्यों की ओर कदम बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण अवसर भी है। उन्होंने कामना की कि यह राष्ट्रीय पर्व हम सभी के संकल्प को और मजबूत बनाए, ताकि हम एक सशक्त और समृद्ध भारत का निर्माण कर सकें।

पीएम मोदी ने संविधान के दायरे में रहकर देश की भलाई के लिए कार्य करने की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि यह दिन हमें लोकतंत्र, विकास और एकता को मजबूत करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने नागरिकों से अपनी जिम्मेदारियों और कर्तव्यों को निभाते हुए बेहतर समाज और राष्ट्र के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
नेशनल वॉर मेमोरियल पर शहीदों को श्रद्धांजलि
गणतंत्र दिवस समारोह की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नेशनल वॉर मेमोरियल पर शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित करने से होगी। यह क्षण देश के वीर जवानों के बलिदान को याद करने और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का है। इसके बाद, कर्तव्य पथ पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने का ऐतिहासिक कार्यक्रम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नेतृत्व में होगा। इस समारोह में भारत की सैन्य शक्ति और सांस्कृतिक विविधता का भव्य प्रदर्शन किया जाएगा।
प्रगति और समावेशन पर जोर
गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम संदेश में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ विधेयक की सराहना करते हुए इसे चुनावी प्रक्रिया को सुधारने और पारदर्शी बनाने का अहम कदम बताया। उन्होंने औपनिवेशिक कानूनों को नए, समावेशी कानूनों से बदलने के प्रयासों की भी प्रशंसा की।
राष्ट्रपति ने देश की आर्थिक प्रगति, अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़े वर्गों के सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों, डिजिटल वित्त और शिक्षा, विज्ञान, और अंतरिक्ष के क्षेत्र में हो रही उपलब्धियों को भी रेखांकित किया। उनके संदेश ने भारत की विकास यात्रा और समावेशी दृष्टिकोण को मजबूती प्रदान की।



