अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने H1B वीजा को लेकर भारतीयों के लिए बड़ी राहत का ऐलान किया है। उन्होंने बताया की ,यह वीजा प्रोग्राम बंद नहीं होगा, क्योंकि अमेरिका को उच्च कौशल वाले पेशेवरों की जरूरत है।
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका को सिर्फ इंजीनियर नहीं, बल्कि कई क्षेत्रों के बेहतरीन प्रोफेशनल्स की भी आवश्यकता है। उन्होंने इस वीजा पर जोर देते हुए कहा कि ,यह प्रोग्राम न केवल अमेरिकी अर्थव्यवस्था को गति देगा, बल्कि स्थानीय नागरिकों को भी नई ट्रेनिंग और स्किल्स का अवसर प्रदान करेगा।

H-1B वीजा प्रोग्राम के तहत भारतीय पेशेवरों की हिस्सेदारी सबसे अधिक है। 2024 में कुल 2.8 लाख वीजाओं में से लगभग 2 लाख वीजा भारतीयों को मिले। ट्रम्प ने H-1B पर हो रही बहस को देखा और माना कि यह प्रोग्राम अमेरिका को उच्च कौशल वाले कर्मचारियों की जरूरतों को पूरा करने में सहायक है। भारतीय पेशेवर न केवल अमेरिका में तकनीकी और अन्य क्षेत्रों को सशक्त कर रहे हैं, बल्कि स्थानीय कार्यबल को भी आगे बढ़ाने में योगदान दे रहे हैं।
H1B वीजा रहेगा असरदार….
एच-1बी वीजा कार्यक्रम अमेरिका के लिए वैश्विक प्रतिभाओं को आकर्षित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। इसके जरिये दुनियाभर के उच्च कौशल वाले पेशेवर अमेरिका आते हैं, जिनमें भारतीयों का योगदान सबसे अधिक है। ट्रम्प प्रशासन के दौरान, इस वीजा का महत्व और भी बढ़ गया, क्योंकि यह तकनीकी, इंजीनियरिंग और अन्य क्षेत्रों में विशेषज्ञता रखने वाले पेशेवरों को अमेरिकी अर्थव्यवस्था का हिस्सा बनने का अवसर प्रदान करता है।
टेस्ला के मालिक एलन मस्क जैसे दिग्गज भी इस वीजा का समर्थन करते हैं। उनका मानना है कि ये कार्यक्रम योग्य व्यक्तियों को अमेरिका लाने में मदद करता है, जिससे तकनीकी प्रगति और व्यवसायों का विस्तार होता है।

विवाद के बावजूद, ट्रम्प का H1B वीजा पर जोर
हालांकि, एच-1बी वीजा पर बहस जारी है। ट्रम्प के कई समर्थक इसे अमेरिकी नागरिकों से नौकरियां छीनने वाला मानते हैं। इसके बावजूद, ट्रम्प ने इसका समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका को ऐसे लोगों की जरूरत है, जो कारोबार और तकनीकी विकास में योगदान दे सकें। उन्होंने खुद इस प्रोग्राम का इस्तेमाल करने की बात की हैं, और कहा कि व्यवसाय जगत में लैरी और मासा जैसे दिग्गजों को ऐसे इंजीनियरों की आवश्यकता है, जिनकी प्रतिभा दुनिया में दुर्लभ है। ट्रम्प ने जोर देकर कहा कि एच-1बी वीजा अमेरिका में कामकाजी माहौल को मजबूत करने और नई संभावनाएं पैदा करने का मार्ग है।
अखिर क्या हैं H-1B वीजा
H-1B वीजा एक नॉन-इमीग्रेंट वीजा है, जो अमेरिकी कंपनियों को विशेष तकनीकी दक्षता वाले पदों पर विदेशी पेशेवरों को नियुक्त करने की अनुमति देता है। यह वीजा खासतौर पर आईटी, आर्किटेक्चर, हेल्थकेयर जैसे क्षेत्रों के विशेषज्ञों के लिए डिज़ाइन किया गया है।
टेक्नोलॉजी सेक्टर की कंपनियां हर साल भारत और चीन जैसे देशों से हजारों उच्च कौशल वाले वर्कर्स की भर्ती करती हैं, जो अमेरिका की अर्थव्यवस्था और उद्योगों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद करते हैं। इस प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य वैश्विक प्रतिभाओं को आकर्षित करना और उनके कौशल का उपयोग कर अमेरिकी व्यवसायों को सशक्त बनाना है।



