मध्य प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी का सिलसिला लगातार जारी है। हाल ही में, कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी के बयान पर , मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तंज कसते हुए, कहा की “कैंसर प्रदेश के नेताओं को है या राहुल गांधी को?” सीएम का ये पलटवार राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के नेताओं से जवाब मांगा हैं की, साफ शब्दों में बताएं की , पटवारी का ये बयान किसके लिए था।

कैंसर कौन: राहुल या प्रदेश के नेता? सीएम का तीखा वार
सीएम मोहन यादव ने तंज कसते हुए कहा की ,कांग्रेस में कैंसर कौन? पार्टी जवाब दें। बता दें की, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के कांग्रेस में कैंसर वाले बयान पर पलटवार किया, और कहा कि कांग्रेस साफ करे कि उनकी पार्टी में कैंसर कौन है? साथ ही सीएम ने पूछा कि , क्या सोनिया गांधी, राहुल गांधी, खड़गे जी या प्रदेश के नेता कैंसर हैं? सीएम के इस बयान ने मध्य प्रदेश की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेताओं से कहा कि , वरिष्ठ नेताओं को जीतू पटवारी को जवाब देना चाहिए ,जिन्होंने विपक्षी दल में गुटबाजी की तुलना कैंसर से की थी। सीएम ने आगे कहा कि, नेता पार्टी में कैंसर की बात कर रहे हैं, मैं यह समझने में विफल रहा कि ,कैंसर से कौन पीड़ित था,मुझे नहीं पता, जो लोग पार्टी चला रहे हैं उन्हें खूले शब्दों में बताना चाहिए।
कैंसर’ बयान पर कांग्रेस की चुप्पी पर सवाल
मध्य प्रदेश की राजनीति में जीतू पटवारी के ‘कैंसर’ बयान ने हंगामा खड़ा कर दिया है, इसी बीच सीएम यादव ने तीखा पलटवार करते हुए, कांग्रेस से जवाब मांगा है। इस विवाद के बीच कांग्रेस की चुप्पी ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है, क्या आगामी चुनावों को यह बयानबाजी प्रभावित कर सकती है?
दरअसल, मनावर में जीतू पटवारी ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा था की, अब गुटबाजी छोड़कर कांग्रेस को मजबूत बनाना होगा, इसके बाद उन्होंने गुटबाजी को कांग्रेस का कैंसर बता दिया, जिसके बाद BJP प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने पलटवार में , अपने X पर जीतू पटवारी का वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि, जीतू पटवारी की कांग्रेस की गुटबाजी में कैंसर की क्लास…बैठक का आयोजन बाबा साहेब के नाम पर और बात कांग्रेस के कैंसर की…. जिसके बाद मुख्यमंत्री ने भी पटवारी की चुटकी ली।
जेसी मिल की दुर्दशा पर सीएम गंभीर
मुख्यमंत्री मोहन यादव ग्वालियर में एक वैवाहिक समारोह में शामिल होने पहुंचे, जहां उन्होंने बंद जेसी मिल के बारे में चर्चा की। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार हमेशा गरीब परिवारों, श्रमिकों और औद्योगिक क्षेत्रों की मदद के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री ने बताया कि 25-30 साल पुराने जमीन के मामलों को सुलझाने का काम जारी है। इसके साथ ही , सीएम ने कहा कि इंदौर, उज्जैन के बाद ग्वालियर की जेसी मिल का निराकरण करना है, जल्दी से जल्दी जेसी मिल के मजदूरों को उनका पैसा मिल सकेगा, ऐसे प्रयासों से और ताकत मिलेगी, बंद हो चुकी इंडस्ट्रीज और उनकी जमीनों के मुद्दों को भी हल किया जा रहा है। जेसी मिल के मामले में अब तक दो बैठकें हो चुकी हैं, और दो और बैठकों की योजना है।



