
ख़बर मध्य प्रदेश से है जहां मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज भोपाल पहुंचे। आयुर्वेदिक चिकित्सा और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से यहां एक महोत्सव का आयोजन किया गया था।
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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल रजत जयन्ती ऑडिटोरियम, भोपाल में आयुर्वेद पर्व-2025, राष्ट्रीय सेमिनार और आरोग्य मेले का आज शुभारंभ किया। इस महोत्सव का आयोजन आयुर्वेदिक चिकित्सा और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया था। इसके साथ ही, इस महोत्सव का उद्देश्य पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को प्रोत्साहन देना और आयुर्वेद के वैज्ञानिक पहलुओं को जन-जन तक पहुंचाना भी है। इस अवसर पर देशभर से आए आयुर्वेद विशेषज्ञ, चिकित्सक, शोधकर्ता और विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
सीएम यादव ने ये कहा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने उद्घाटन भाषण में आयुर्वेद को भारतीय संस्कृति और विरासत का अभिन्न अंग बताते हुए कहा, “आयुर्वेद केवल एक चिकित्सा पद्धति नहीं, बल्कि एक संपूर्ण जीवन शैली है। इसमें मानव जीवन के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक पक्षों का समग्र विकास निहित है। हमें गर्व है कि भारत ने विश्व को योग और आयुर्वेद जैसी अद्वितीय प्रणालियां दी हैं। आज का यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि हम आयुर्वेद को 21वीं सदी की चुनौतियों के अनुरूप तैयार कर रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आयुर्वेद के अनुसंधान और विकास के लिए विशेष बजट आवंटित कर रही है। साथ ही, अधिक आयुर्वेदिक कॉलेजों और अनुसंधान केंद्रों की स्थापना पर जोर दिया जा रहा है। आयुर्वेद को आधुनिक चिकित्सा के साथ समन्वित करके जनस्वास्थ्य को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। साथ ही, ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में आयुर्वेदिक सेवाएं बढ़ाने की योजना भी है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि राज्य सरकार आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति को जन-जन तक पहुंचाने और इसे वैश्विक स्तर पर स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
आगे उन्होंने कहा, “आयुर्वेद हमारे स्वास्थ्य का आधार है। यह केवल एक चिकित्सा प्रणाली नहीं, बल्कि एक जीवनशैली है। आयुर्वेद पर्व जैसे आयोजनों से यह पारंपरिक पद्धति वैश्विक स्तर पर नई ऊँचाइयाँ छूएगी, और आयुर्वेद हमारी भारतीय संस्कृति और परंपरा का अभिन्न हिस्सा है। यह न केवल स्वास्थ्य प्रदान करता है, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करता है। ऐसे आयोजनों से आयुर्वेद को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने में मदद मिलेगी। मेरा सपना है कि मध्य प्रदेश आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा का वैश्विक केंद्र बने। हम इस दिशा में निरंतर प्रयास कर रहे हैं। इस आयोजन से हमें आयुर्वेद को बढ़ावा देने और इसे जन-जन तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।”


