भोजपुरी सुपरस्टार खेसारी लाल यादव अपनी पत्नी चंदा देवी को राजद के टिकट पर मांझी से उतार सकते हैं, वहीं पवन सिंह एनडीए के टिकट पर आरा से चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं।

बिहार विधानसभा चुनाव में भोजपुरी सुपरस्टार्स की एंट्री ने राजनीतिक माहौल को और गर्मा दिया है। पवन सिंह ने खुले तौर पर बीजेपी और एनडीए का साथ दिया है, जबकि खेसारी लाल यादव एनडीए के खिलाफ खड़े होकर उनकी नीतियों पर सवाल उठा रहे हैं। इससे चुनावी सरगर्मी और बढ़ गई है और दोनों सितारों के समर्थकों के बीच चर्चा का दौर शुरू हो गया है।
खेसारी लाल का रोजगार और व्यवस्था पर तंज
खेसारी लाल यादव ने एनडीए सरकार की कल्याणकारी योजनाओं पर तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा कि उन्हें केवल योजनाओं के तहत मिलने वाली रकम नहीं चाहिए, बल्कि उन्हें रोजगार चाहिए ताकि वे और बिहार के युवाओं को सम्मान के साथ राज्य में रहने और अपने परिवार का पालन-पोषण करने का अवसर मिल सके। खेसारी ने बिहार की मौजूदा व्यवस्था पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि बेहतर प्रशासन और रोजगार के बिना युवा मजबूरी में राज्य छोड़ने को मजबूर हैं।
भोजपुरी स्टार्स की चुनावी टकराहट
बिहार विधानसभा चुनाव में भोजपुरी सुपरस्टार्स की एंट्री ने राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है। खेसारी लाल यादव सीधे रोजगार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे को चुनावी बहस का केंद्र बना रहे हैं, जबकि पवन सिंह एनडीए के समर्थन में मोर्चा संभाले हुए हैं। खबरें हैं कि खेसारी अपनी पत्नी चंदा देवी को राजद के टिकट पर मांझी से चुनाव लड़ाने की तैयारी कर रहे हैं, वहीं पवन सिंह आरा से एनडीए के टिकट पर चुनाव मैदान में उतर सकते हैं। यह टकराव भोजपुरी भाषी क्षेत्र में उनके विशाल फैन बेस को दो खेमों में बांट सकता है।
ज्योति सिंह मामला राजनीति में बना सेंसरशिप का विषय
पवन सिंह और उनकी पत्नी ज्योति सिंह के बीच निजी विवाद एक बार फिर राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन चुका है। खेसारी लाल यादव ने जनता से अपील की है कि वे ज्योति सिंह का समर्थन करें और अगर उन्हें टिकट मिलता है तो वे उनका साथ देंगे। खेसारी का यह कदम चुनावी रणनीति और स्टार पावर के जरिए राजनीतिक इमेज पर असर डालने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।


