CM मोहन यादव ने ऐलान किया कि सोयाबीन किसानों को एमएसपी से कम दाम मिलने पर सरकार भावांतर के जरिए अंतर की राशि चुकाएगी।

मध्य प्रदेश के किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सागर जिले के जैसीनगर में घोषणा की कि अब सोयाबीन फसल पर भी भावांतर योजना का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि अगर किसानों को अपनी उपज एमएसपी से कम दाम पर बेचनी पड़ी तो सरकार अंतर की राशि सीधे उनके खाते में जमा करेगी। गौरतलब है कि भावांतर योजना की शुरुआत साल 2017 में शिवराज सिंह चौहान सरकार ने की थी, जिसे किसानों ने काफी सराहा था।
किसानों को मिलेगा सोयाबीन पर भावांतर का लाभ
जैसीनगर की सभा में सीएम मोहन यादव ने किसानों को बड़ा तोहफ़ा देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोयाबीन का भाव 5300 रुपए से ऊपर तय किया है और प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि किसानों को यह रेट मिले। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई किसान अपनी सोयाबीन एमएसपी से कम दाम पर बेचता है तो सरकार भावांतर योजना के तहत अंतर की राशि सीधे किसानों के खाते में डालेगी। सीएम ने भरोसा दिलाया कि किसानों को एक रुपए का भी घाटा नहीं होने दिया जाएगा।
फसल नुकसान पर भी मिलेगा मुआवज़ा
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के साथ हर कदम पर खड़ी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रदेश में अगर कहीं पर भी सोयाबीन की फसल खराब हुई है, तो सर्वे कराकर प्रभावित किसानों को मुआवज़ा दिया जाएगा। अतिवृष्टि से नुकसान झेल रहे किसानों की भरपाई भी सरकार करेगी। सीएम यादव ने कहा कि जैसे पिछली बार धान में बोनस दिया गया था, वैसे ही इस बार सोयाबीन किसानों को भावांतर और मुआवज़े के जरिए राहत पहुंचाई जाएगी।


