यूक्रेन जंग पर जयशंकर बोले- भारत को निशाना बनाना गलत, हम बातचीत के हिमायती; ट्रम्प ने रूसी तेल खरीद पर 25% टैरिफ लगाया।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने फिनलैंड के विदेश मंत्री से फोन पर बातचीत में स्पष्ट कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर भारत को गलत तरीके से निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा से शांति, बातचीत और कूटनीति का हिमायती रहा है। जयशंकर ने सोशल मीडिया पर भी लिखा कि दोनों देशों के बीच युद्ध और उसके असर पर चर्चा हुई, लेकिन भारत का रुख स्पष्ट है—हम किसी भी तरह के टकराव में नहीं, बल्कि समाधान में विश्वास रखते हैं।
मोदी-पुतिन मुलाकात पर नजर
जयशंकर का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन में SCO समिट में शामिल होने पहुंचे हैं। यहां मोदी चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इस दौरान पुतिन के दिसंबर में भारत दौरे पर भी चर्चा हो सकती है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प पहले ही भारत पर रूसी तेल खरीद को लेकर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगा चुके हैं और भारत पर आरोप लगाया है कि इससे पुतिन को यूक्रेन जंग जारी रखने में मदद मिल रही है। वहीं मोदी ने हाल ही में जापान के अखबार को दिए इंटरव्यू में कहा था कि भारत ने इस युद्ध पर निष्पक्ष और मानवीय रुख अपनाया है, जिसे रूस और यूक्रेन दोनों ने सराहा है।
मोदी-जेलेंस्की की फोन पर बातचीत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लोदिमिर जेलेंस्की से फोन पर बातचीत की। इस दौरान जेलेंस्की ने यूक्रेन में मौजूदा हालात और वॉशिंगटन में राष्ट्रपति ट्रम्प व यूरोपीय नेताओं के साथ हुई चर्चाओं की जानकारी दी। पीएम मोदी ने दोहराया कि भारत हमेशा शांति का पक्षधर है और यूक्रेन में जल्द से जल्द स्थिरता और शांति बहाल करने के लिए हर संभव मदद करेगा। पीएमओ ने भी पुष्टि की कि भारत अपने प्रयास जारी रखेगा ताकि संघर्ष का समाधान शांतिपूर्ण तरीके से निकले।
रूसी हमले में डूबा यूक्रेन का सबसे बड़ा जहाज
बातचीत के बीच रूस-यूक्रेन जंग और तेज हो गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रूस के समुद्री ड्रोन हमले में यूक्रेनी नेवी का सबसे बड़ा जहाज सिम्फेरोपोल डूब गया। यह लैगून-क्लास का जहाज था, जिसे जासूसी मिशनों के लिए तैयार किया गया था। हमला ओडेसा इलाके की डेन्यूब नदी के पास हुआ। विशेषज्ञों ने इसे रूस की बड़ी कामयाबी बताया है, क्योंकि यह पहली बार है जब रूस ने समुद्री ड्रोन से यूक्रेन के जहाज को निशाना बनाया है। यूक्रेन ने भी इस हमले की पुष्टि की है।


