मध्य प्रदेश सरकार ने राजधानी भोपाल के विकास को एक नई दिशा देते हुए इसे मेट्रोपॉलिटन रीजन बनाने की मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को इस परियोजना पर मुहर लगाते हुए कहा कि भोपाल और इंदौर को मेट्रोपॉलिटन रीजन के रूप में विकसित किया जाएगा। इस पहल के तहत विदिशा, सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम और राजगढ़ को भोपाल से जोड़ा जाएगा, जिससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को मजबूती मिलेगी। पीडब्ल्यूडी पहले से ही इस योजना की प्लानिंग कर रहा था और अब इस दिशा में तेजी से काम होगा।
इंफ्रास्ट्रक्चर और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
इस योजना के तहत भोपाल और सीहोर के बड़े तालाब और उसके कैचमेंट क्षेत्र का संरक्षण प्रभावी रूप से किया जा सकेगा। वहीं, रायसेन स्थित मंडीदीप औद्योगिक क्षेत्र को राजधानी से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे उद्योगों का विस्तार होगा। इसके अलावा, सांची और भीमबेटका जैसी वैश्विक धरोहर स्थलों पर सरकार द्वारा एकीकृत विकास योजना के तहत काम किया जाएगा। इस फैसले से पर्यटन को भी नया आयाम मिलेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
मेट्रो और ट्रांसपोर्ट नेटवर्क होगा और मजबूत
भोपाल मेट्रो का विस्तार अब मंडीदीप तक किया जा रहा है, जिससे औद्योगिक क्षेत्र और राजधानी के बीच आवाजाही सुगम होगी। सरकार की योजना के तहत भविष्य में भोपाल के 100 किलोमीटर के दायरे में भी मेट्रो चलाई जा सकेगी, जिससे आसपास के शहरों को बेहतर ट्रांसपोर्ट सुविधा मिलेगी। साथ ही, रोड नेटवर्क सर्वे पूरा हो चुका है, जिससे भोपाल से जुड़े पांचों जिलों को आधुनिक सड़क मार्गों से जोड़ा जाएगा। इस पहल से न केवल ट्रांसपोर्टेशन आसान होगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
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80 लाख की आबादी के लिए तैयार होगी नई राजधानी योजना
भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन बनने के साथ ही राजधानी और उसके आसपास के जिलों की आबादी का अनुमान 80 लाख तक पहुंचने वाला है। इस विस्तार को ध्यान में रखते हुए सरकार ने नई योजनाएं बनाने की तैयारी कर ली है। अब तक भोपाल और सीहोर जैसी जगहों के लिए अलग-अलग विकास योजनाएं बनाई जाती थीं, लेकिन अब विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम और राजगढ़ को मिलाकर एक समग्र योजना तैयार की जाएगी। इससे सभी क्षेत्रों का संतुलित विकास होगा और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जाएगा।
उद्योग और कनेक्टिविटी को मिलेगी मजबूती
राजधानी के विकास का सबसे बड़ा फायदा औद्योगिक क्षेत्रों को मिलेगा। मंडीदीप औद्योगिक क्षेत्र, जो अभी रायसेन जिले में आता है, अब भोपाल के साथ बेहतर ढंग से प्लान किया जा सकेगा। इससे निवेशकों को नई संभावनाएं मिलेंगी और उद्योगों के विस्तार में तेजी आएगी। साथ ही, पीडब्ल्यूडी पहले ही रोड नेटवर्क के सर्वे को पूरा कर चुका है, जिससे भोपाल से जुड़े पांचों जिलों को मजबूत ट्रांसपोर्ट नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।
मेट्रो और ऐतिहासिक धरोहरों का होगा संरक्षण
भोपाल मेट्रो के विस्तार की योजना के तहत इसे मंडीदीप तक ले जाया जा रहा है, जिससे औद्योगिक क्षेत्र और राजधानी के बीच ट्रांसपोर्ट सुगम होगा। भविष्य में मेट्रो नेटवर्क को 100 किलोमीटर तक विस्तारित करने की योजना है, जिससे राजधानी से जुड़े अन्य जिले भी लाभान्वित होंगे। इसके अलावा, सांची और भीमबेटका जैसी वैश्विक धरोहरों के संरक्षण और पर्यटन विकास के लिए भी सरकार की ओर से विशेष योजनाएं बनाई जाएंगी, जिससे मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को और मजबूती मिलेगी।



